'हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि...': US से 104 प्रवासी भारतीयों की वापसी पर विदेश मंत्री जयशंकर का बयान

US deportation of 104 Indians: अमेरिका से 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान बुधवार को अमृतसर में उतरा। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा वापस भेजा गया यह भारतीयों का पहला जत्था है। तस्वीरों में भारत वापस भेजे गए लोगों के हाथों में हथकड़ी देखी गई

अपडेटेड Feb 06, 2025 पर 2:35 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
US deportation of 104 Indians: निर्वासित लोगों में से 30 पंजाब से, 33-33 हरियाणा और गुजरात से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तथा दो चंडीगढ़ से हैं

US deportation of 104 Indians: अमेरिका से 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार (6 फरवरी) को राज्यसभा में बयान दिया। जयशंकर ने राज्यसभा में कहा कि अमेरिका में बिना दस्तावेजों के रह रहे भारतीयों को निर्वासित किए जाने की प्रक्रिया नई नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेशों में अवैध रूप से रह रहे हैं तो उन्हें वापस ले। राज्यसभा में इस संबंध में एक बयान देते हुए जयशंकर ने यह भी कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि निर्वासित लोगों के साथ दुर्व्यवहार न हो।"

उन्होंने कहा, "यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो वे अपने नागरिकों को वापस लें। यह नीति केवल एक देश पर लागू नहीं है। निर्वासन की प्रक्रिया कोई नयी नहीं है, यह कई वर्षों से है।" जयशंकर ने अमेरिका से अब तक भारत निर्वासित किए गए लोगों के आंकड़े भी सदन के समक्ष रखे।

उन्होंने कहा कि साल 2009 में 734, साल 2010 में 799, साल 2011 में 597, साल 2012 में 530 भारतीयों को निर्वासित किया गया। उन्होंने इस संबंध में 2024 तक के आंकड़े साझा किए। विदेश मंत्री ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका की सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं कि निर्वासित लोगों के साथ दुर्व्यवहार नहीं हो। हमारा ध्यान अवैध प्रवासन उद्योग के खिलाफ मजबूत कार्रवाई पर होना चाहिए।"


बता दें कि अमेरिका में कथित तौर पर बिना दस्तावेज़ों के रह रहे भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने हंगामा किया। अमेरिकी सेना का एक विमान बुधवार को अमेरिका में कथित तौर पर बिना दस्तावेजों के रह रहे भारतीयों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा था।

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद से ये अमेरिका में रह रहे भारतीयों का पहला निर्वासन है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक वार्ता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी वाशिंगटन यात्रा से कुछ ही दिन पहले यह कार्रवाई हुई है।

निर्वासित लोगों में से 30 पंजाब से, 33-33 हरियाणा और गुजरात से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से तथा दो चंडीगढ़ से हैं। निर्वासित किए गए लोगों में 19 महिलाएं और चार वर्षीय एक लड़का, पांच एवं सात वर्षीय दो लड़कियों सहित 13 नाबालिग शामिल हैं।

विपक्ष ने भारतीयों के निर्वासन के तरीके पर सवाल उठाया

विपक्षी दलों के कई सांसदों ने अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस भेजने के तरीके को लेकर गुरुवार को सरकार की आलोचना। विपक्षी पार्टियों ने प्रवासियों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर सवाल उठाए। बुधवार को एक अमेरिकी सैन्य विमान 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर पहुंचा। अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा निर्वासित भारतीयों का यह पहला जत्था है।

निर्वासित लोगों ने दावा किया कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैरों में हथकड़ी लगी रही। अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद ही उन्हें खोला गया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अखिलेश यादव समेत विपक्षी सांसदों ने अमेरिकी अधिकारियों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए व्यवहार के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया। विपक्ष के कुछ नेताओं ने हथकड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया।

सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि जिस तरह से भारतीयों को वापस भेजा गया, वह सरकार की बेबसी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए देश की प्रतिष्ठा से ज्यादा उनकी व्यक्तिगत छवि महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, "यह एक काला दिन है... प्रधानमंत्री चुप हैं।" कांग्रेस के एक अन्य नेता केसी वेणुगोपाल ने आश्चर्य जताया कि भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंध ऐसी स्थितियों को टालने में क्यों काम नहीं आ रहे हैं।

ये भी पढ़ें- Fact-Checks: क्या भारतीयों को अमेरिका से हथकड़ी और बेड़ियां पहनाकर लाया गया? जानें वायरल तस्वीरों के पीछे की सच्चाई

लोकसभा सदस्य ने कहा, "हमने इस मुद्दे पर संसद में कार्य स्थगन का नोटिस दिया है।" पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका को वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस भेजने का कानूनी अधिकार है। लेकिन जिस तरह से उन्हें वापस भेजा गया, हम उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस काम के लिए असैन्य विमान का इस्तेमाल किया जा सकता था। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद ने भी भारतीयों को वापस भेजने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने इस घटना को पीड़ादायक बताया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।