भारतीय डॉक्टर ने US में अपनी पत्नी और 2 बच्चों को 250 फुट ऊंची पहाड़ी की चोटी से गिरा दिया, सामने आई हैरान करने वाली वजह

गुरुवार को पटेल के वकीलों ने अदालत को बताया कि उनके कार्य पूरी तरह से उनकी मानसिक स्थिति से प्रभावित थे क्योंकि वे भ्रम से पीड़ित थे। रेडियोलॉजिस्ट का मूल्यांकन करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि भयानक दुर्घटना से कुछ सप्ताह पहले ही उसका मानसिक स्वास्थ्य खराब हो गया था

अपडेटेड Jun 27, 2024 पर 3:17 PM
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धर्मेश अरविंद पटेल को हत्या के प्रयास में गिरफ्तार किया गया था

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में रहने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी रेडियोलॉजिस्ट धर्मेश पटेल ने पिछले साल अपनी टेस्ला कार को जानबूझकर 250 फुट ऊंची पहाड़ियों की चोटी से नीचे गिरा दिया था। इस दौरान कार में उसकी पत्नी और दो बच्चे भी मौजूद थे। यह घटना जनवरी 2023 की है, जब पटेल ने अपनी पत्नी नेहा और 7 एवं 4 साल के दो बच्चों को लेकर अपनी टेस्ला कार को चट्टान से नीचे गहरी खाई में गिरा दिया। इस हादसे में परिवार को मामूली चोटें आईं। हालांकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। कार में सवार सभी चार लोग दुर्घटना में बच गए। उनकी पत्नी ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने जानबूझकर कार को चट्टान से नीचे गिराया था। पत्नी के मुताबिक, उस समय वह मानसिक रूप से परेशान थे।

पटेल पर नहीं चलेगा मुकदमा

41 वर्षीय धर्मेश अरविंद पटेल को हत्या के प्रयास और बाल शोषण के संदेह में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अब उनपर मुकदमा नहीं चलेगा। धर्मेश पटेल को अब उनके परिवार से फिर से मिलाया जाएगा, क्योंकि अदालत ने माना है कि यह उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी घटनाओं में से एक थी। सैन मेटो काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय के हवाले से NBC न्यूज ने बताया कि अदालत ने 42 वर्षीय पटेल को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी डायवर्जन की अनुमति दी है, क्योंकि इस बात के सबूत मिले हैं कि उन्हें गंभीर अवसादग्रस्तता विकार है।


डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में पटेल के परिवार ने कथित तौर पर पैरामेडिक्स से कहा कि "उसने हमें मारने की कोशिश की।" लेकिन बाद में उनकी पत्नी ने अधिकारियों से अपने पति को घर आने देने की विनती की। पत्नी नेहा पटेल ने अभियोजकों से धर्मेश के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोपों को हटाने की गुहार लगाई। नेहा पटेल की अदालत में भावनात्मक गवाही ने परिवार के दर्द को उजागर किया। उन्होंने अदालत को बताया कि उनका छोटा बेटा उनसे पूछ रहा था, "पिताजी कब घर आ रहे हैं?"

कार को चट्टान से नीचे क्यों गिराया?

गुरुवार को पटेल के वकीलों ने अदालत को बताया कि उनके कार्य पूरी तरह से उनकी मानसिक स्थिति से प्रभावित थे क्योंकि वे भ्रम से पीड़ित थे। रेडियोलॉजिस्ट का मूल्यांकन करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि भयानक दुर्घटना से कुछ सप्ताह पहले ही उसका मानसिक स्वास्थ्य खराब हो गया था। डॉक्टरों ने अदालत को बताया कि वह हमेशा पदचिह्नों की आवाज सुन रहा थे और उन्हें ऐसा लग रहा था कि कोई उनका पीछा कर रहा है। उन्हें अपके बच्चों का अपहरण होने और यौन उत्पीड़न या तस्करी होने की भी आशंका थी।

पटेल ने हत्या के प्रयास के तीन आरोपों में खुद को निर्दोष बताया। अब उन्हें सिजोएफेक्टिव डिसऑर्डर और मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर का पता चला है। एक मनोवैज्ञानिक ने अदालत को बताया, "उस समय वह अपने परिवार को बदतर स्थिति से बचाने के लिए पागल और भ्रमपूर्ण सोच पर काम कर रहा था।"

आगे क्या होगा?

एक अमेरिकी जज ने फैसला किया कि रेडियोलॉजिस्ट 'मानसिक स्वास्थ्य डायवर्जन' के लिए पात्र था, जो कानून का एक प्रावधान है जो मानसिक बीमारी वाले आरोपी को जेल की सजा काटने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य इलाज प्राप्त करने की अनुमति देता है, अगर बीमारी ने अपराध में बड़ी भूमिका निभाई हो।

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सुपीरियर कोर्ट के जज सुसान एम. जैकुबोव्स्की ने निर्धारित किया कि पटेल अपने डॉक्टरों के सलाह के आधार पर डायवर्जन के लिए पात्र हैं और उन्हें कैलिफोर्निया में उनके माता-पिता के पास छोड़ने का आदेश दिया। उस पर GPS से निगरानी रखी जाएगी और हफ्ते में एक बार अदालत में रिपोर्ट देनी होगी। उन्हें अपने देश से बाहर यात्रा करने की भी अनुमति नहीं है और अपना ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जमा करना होगा। अब उन्हें दो साल की इलाज पर रखा जाएगा और अगर वह इलाज के दौरान कोई अपराध नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ आरोप हटा दिए जाएंगे।

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