World Liver day: लिवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसे शरीर की फैक्ट्री भी कहा जाता है। शरीर के 500 से ज्यादा काम अकेले लीवर ही करता है। लिवर शरीर में प्रोटीन, कोलेस्ट्रॉल और हार्मोन समेत कई चीजों को बनाने का काम करता है। शरीर में खराब पदार्थों को बाहर निकालने का काम लिवर ही करता है। अगर लिवर सही तरह से काम नहीं करता है तो खाना पचने में कई तरह की दिक्कत होती है। लिवर खराब होने पर जान भी जा सकती है। ऐसे में लिवर के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से पूरी दुनिया में 19 अप्रैल को लिवर डे (Liver Day) के रूप में मनाया जाता है।
अगर आपका पेट हमेशा फूला हुआ रहता है, तो यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। पेट का फूला रहना एसाइटिस बीमारी की वजह से भी हो सकता है। यह बीमारी फैटी-जंक फूड और शराब से ज्यादा सेवन से होती है। लिवर में कई तरह की बीमारियां होती हैं. इसी में से एक है एसाटिस है। इसे हिंदी में जलोदर भी कहते हैं।
एसाइटिस से पीड़ित होने पर पेट में पानी भर जाता है। गंभीर बीमारी होने पर पानी या फ्लूड छाती और फेफड़े में पहुंच जाता है। इसकी वजह से कुछ भी निगलना कठिन हो जाता है। सांस लेने में परेशानी होती है। इस बीमारी के लक्षण काफी सामान्य होते हैं। अगर पेट में ज्यादा पानी भर जाए, तो रोगी को उठने बैठने में दिक्कत होने लगती है। अगर सही समय पर इस बीमारी का इलाज ना कराया जाए, तो सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। एसाइटिस में थकान, जी मचलाना, दम फूलना, थकान महसूस होना, भूख न लगना, बार-बार पेशाब लगना, सीने में जलन जैसे लक्षण नजर आते हैं। इसमें कब्ज की समस्या भी देखने को मिलती है।
आखिर क्यों होता है एसाइटिस?
लंबे समय तक शराब पीने से पेट में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इससे एसाइटिस का जोखिम ज्यादा बढ़ सकता है। शराब पीने से सबसे पहले पेट की दिक्कत शुरू होती है। इसके अलावा हेपेटाइटिस बी, पेट में संक्रमण, लिवर की नसों में खून के थक्के जमना और अग्नाशय में सूजन आदि भी एसाइटिस के कारण माने जाते हैं।
इस बीमारी को लो फैट-हाई प्रोटीन डाइट, एक्सरसाइज और अल्कोहल से दूरी बनाकर कंट्रोल किया जा सकता है। पेट से पानी निकालने के लिए मेडिकल हेल्प और दवाएं भी काम आती हैं। वहीं रोजाना खाली पेट मेथी-पानी पीना, खाली पेट लहसुन खाना भी फायदेमंद माना जाता है।