World's Wealthiest City: दुनिया का सबसे अमीर शहर कौन सा है? यह आईटी हब कहे जाना वाला सिलिकॉन सिटी, लंदन, पेरिस और मुंबई नहीं है। यह अमेरिका का न्यूयॉर्क है। अमीरों के हिसाब से दुनिया का सबसे अमीर शहर न्यूयॉर्क (New York) है। यहां 58 बिलेनियर्स यानी अरबपति रहते हैं। न्यूयॉर्क के बाद अमीर शहरों की सूची में जापान के टोक्यो (Tokyo) और फिर अमेरिका के कैलिफोर्निया में सैन फ्रांसिस्को बे एरिया (San Francisco Bay Area) का नाम आता है। अमीर शहरों की यह सूची इनवेस्टमेंट माइग्रेशन कंपनी हेनले एंड पार्टनर्स ने तैयार की है। इस रिपोर्ट में कम से कम 10 लाख डॉलर से अधिक निवेश पूंजी की हैसियत वाले अमीरों (हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स- HNWIs) को आधार बनाया गया है।
अमीर शहरों की इस सूची में भारत के भी कुछ शहर हैं। इस सूची के मुताबिक मुंबई में 59400 हाई नेटनर्थ वाले इंडिविजुअल्स और 29 बिलेनियर्स हैं। इसके बाद दिल्ली का नंबर है और यहां 16 बिलेनियर्स हैं। फिर बेंगलूरु में 8 बिलेनियर्स, हैदराबाद में 5 और कोलकाता में 7 बिलेनियर्स हैं।
टॉप-10 में सबसे अधिक शहर अमेरिका के
दुनिया के सबसे अमीर शहरों की सूची में टॉप-10 शहरों में चार अमेरिका के ही हैं। इसमें अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर, द बे एरिया, लॉस एंजेलेस और शिकागो को जगह मिली है। इसके बाज चीन के दो शहरों-बीजिंग और शंघाई को रखा गया है। यूरोप के सिर्फ एक शहर लंदन को इस लिस्ट में जगह मिली है, वह भी चौथे स्थान पर। लंदन के बाद 2,40,100 HNWIs के साथ सिंगापुर पांचवे और 1,26,900 HNWIs के साथ सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) दसवें स्थान पर है।
अमीरों की संख्या के हिसाब से Bay Area टॉप पर
दुनिया का सबसे अमीर शहर न्यूयॉर्क है। हालांकि अगर अमीरों की संख्या के हिसाब से देखें तो कैलिफोर्निया का बे एरिया टॉप पर है। यहां 63 बिलेनियर्स हैं। इसके बाद न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलेस और शंघाई का स्थान आता है।
सबसे तेज अमीरों की संख्या बढ़ी चाइनीज शहर में
अमीरों के मामलों में न्यूयॉर्क दुनिया में टॉप पर है। यहां हाई नेटवर्थ वाले अमीरों की संख्या 2012-22 में 40 फीसदी बढ़ी। यह सिंगापुर के बराबर ही है लेकिन शंघाई, हटसन, दुबई और मुंबई में इससे भी तेज अमीर बढ़े। सबसे तेज की बात करें तो दस साल में चीन के हांगझू (Hangzhou) में 105 फीसदी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स बढ़े। इसके बाद टेक्सास के ऑस्टिव में यह आंकड़ा 102 फीसदी, फ्लोरिडा के वेस्ट पॉम बीच में 90 फीसदी और मियामी में 75 फीसदी का रहा। रुस की बात करें तो यूक्रेन से लड़ाई ने मॉस्को को तगड़ा झटका दिया है और यहां दस साल यानी 2012-22 में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की संख्या 44 फीसदी गिर गई और सेंट पीट्सबर्ग में 38 फीसदी।