उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के आस-पास के क्षेत्रों में अब शराब की बिक्री नहीं हो सकेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र की सभी शराब की दुकानों के लाइसेंस को रद्द करने का ऐलान किया है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान यूपी के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने दी। अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि अयोध्या के ‘श्री राम मंदिर’ क्षेत्र में आने वाली सभी शराब की दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक पूजा स्थल, अस्पताल, स्कूल या फिर आवासीय कालोनी के 50, 75 और 100 मीटर की दूरी के अंदर शराब की दुकान को लाइसेंस नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अभी नियमावली में संशोधन पर विचार नहीं कर रही है। बीएसपी सदस्य भीमराव अम्बेडकर ने अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र की बस्तियों से सरकारी देशी शराब की दुकानों को हटाने की मांग की थी।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर के पवित्र गर्भगृह का शिलापूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मंदिर ‘राष्ट्र मंदिर’ और लोगों की आस्था का प्रतीक होगा। मुख्यमंत्री ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राम मंदिर न्यास के सदस्यों की उपस्थिति में मंत्रोच्चारण के बीच गर्भगृह की आधारशिला रखी।
इससे पहले, पवित्र गर्भगृह के निर्माण को लेकर बड़ी संख्या में भक्तों के बीच उत्साह देखा गया। गर्भगृह का निर्माण कार्य बुधवार से शुरू होने के बीच यहां उत्सव जैसा वातावरण बना हुआ है। इसी तरह का उत्साह अयोध्या के अन्य मठों एवं मंदिरों में भी दिखाई दिया। अयोध्या नगर के द्वार से लेकर नगर के भीतर मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और दीपों से सजाया गया है।
अयोध्या में तीन मंजिला राम मंदिर का निर्माण कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है। फरवरी 2022 में शुरू हुआ ग्रेनाइट पत्थर के साथ चबूतरे का निर्माण अगस्त 2022 तक पूरा होने की योजना है। चबूतरे के निर्माण में निर्धारित आकार के लगभग 17,000 पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। चबूतरे के चरणबद्ध रूप से पूरा होने के साथ, अंतिम ऊपरी स्थल का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा।
योजना के तहत ‘परकोटे’ की नींव का डिजाइन और नक्शा भी तकनीकी जांच के अंतिम चरण में है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। भगवान राम का मंदिर दिसंबर 2023 तक जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 5 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। तब से मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।