Loan Apps की मनमानी पर कैसे लगेगी लगाम? Zerodha के Nithin Kamath ने दिए सुझाव

ऐप के जरिए लोन लेने वालों के साथ रिकवरी एजेंट्स की ज्यादतियों के कई मामले सामने आए हैं। अब इसे लेकर ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ और को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने भी आवाज उठाई है। रिकवरी एजेंट्स कई बार कर्ज लेने वालों को इतना परेशान कर देते हैं कि वे आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लेते हैं। इसे लेकर ही नितिन कामत ने सलाह दी है

अपडेटेड Jul 20, 2023 पर 8:54 AM
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नितिन कामत के मुताबिक लोन ऐप के जरिए 100-200 फीसदी तक के हाई रेट पर कर्ज मिलता है। इसके अलावा जो एक सबसे बड़ी समस्या होती है, वह ये है कि ऐप को इंस्टॉल करने पर इसका एक्सेस कॉन्टैक्ट्स और फोटोज तक भी हो जाता है।

ऐप के जरिए लोन लेने वालों के साथ रिकवरी एजेंट्स की ज्यादतियों के कई मामले सामने आए हैं। अब इसे लेकर ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ और को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने भी आवाज उठाई है। नितिन का कहना है कि इस प्रकार के मामले में अगर लोन एजेंट्स परेशान करें तो चुप न रहें और तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। बता दें कि रिकवरी एजेंट्स कई बार कर्ज लेने वालों को इतना परेशान कर देते हैं कि वे आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लेते हैं। इसे लेकर ही नितिन कामत ने ट्वीट के जरिए सलाह दी है कि ऐसे मामलों की शिकायत दर्ज कराएं।

कहां करें शिकायत

नितिन कामत ने ऐप के जरिए कर्ज लेने पर आने वाली दिक्कतों और फिर जब रिकवरी एजेंट्स परेशान करने लगें तो क्या करना चाहिए, इसे लेकर ट्वीट की पूरी एक सिरीज की है। अगर किसी शख्स को रिकवरी एजेंट परेशान कर रहा है तो इसकी शिकायत 1930 पर कॉल के जरिए कर सकते हैं या ऑनलाइ https://cybercrime.gov.in पर भी शिकायत फाइल कर सकते हैं। नितिन का कहना है कि हैरेसमेंट से सुरक्षा को लेकर अपने यहां कानून हैं।


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क्या होती है Loan Apps से दिक्कतें

नितिन कामत के मुताबिक इन ऐप के जरिए 100-200 फीसदी तक के हाई रेट पर कर्ज मिलता है। इसके अलावा जो एक सबसे बड़ी समस्या होती है, वह ये है कि ऐप को इंस्टॉल करने पर इसका एक्सेस कॉन्टैक्ट्स और फोटोज तक भी हो जाता है। अब ऐसे में अगर जिसने कर्ज लिया है, वह इसे चुका नहीं पा रहा है तो रिकवरी एजेंट्स उसके कॉन्टैक्स के सभी लोगों को कॉल और फोटोज में हेरफेर करके परेशान करना शुरू कर देते हैं। अब नितिन का कहना है कि लोन के लिए अपनी सभी जानकारियां मुहैया करना पागलपन है। इसके अलावा 50-100 फीसदी सालाना की दर से कर्ज लेना भी सही नहीं है क्योंकि इस दर पर कर्ज चुकाना अधिकतर लोगों के लिए असंभव है।

 

 

Nithin Kamath ने प्ले स्टोर पर भी छोड़ी जिम्मेदारी

जीरोधा के को-फाउंडर नितिन के मुताबिक इनमें से अधिकतर ऐप्स अवैध और अनियमित हैं। अब चूंकि ये ऐप्स आमतौर पर प्ले स्टोर के जरिए मिलते हैं तो ऐसे में ऐप स्टोर इस मामले में अहम भूमिका निभा सकते हैं। नितिन के मुताबिक ऐप स्टोर को गड़बड़ी करने वाले ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने से रोकने के लिए और अधिक फिल्टर लगाना चाहिए।

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