ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने साल 2020 में एक कस्टमर का 287 रुपये का पिज्जा ऑर्डर कैंसल कर दिया था। अब कंपनी को इस मामले में ग्राहक को 10,000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने साल 2020 में एक कस्टमर का 287 रुपये का पिज्जा ऑर्डर कैंसल कर दिया था। अब कंपनी को इस मामले में ग्राहक को 10,000 रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है
ग्राहक अजय शर्मा ने ऑर्डर कैंसल होने के बाद Zomato के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि उसका ऑर्डर रद्द करना कंपनी के इस कैंपेन का उल्लंघन है कि 'Zomato यूजर्स को अब समय पर खाना मिलेगा या ऐसा नहीं होने पर उनके पैसे वापस मिलेंगे।”
अजय शर्मा ने साल 2020 में Zomato ऐप के जरिए एक पिज्जा का ऑर्डर दिया था। उन्होंने अपने ऑर्डर के लिए पेटीएम के जरिए 287 रुपये का भुगतान किया, जो रात में करीब 10.15 बजे हुआ था। इस राश में टैक्स और 'समय पर डिलीवरी' के लिए 10 रुपये अतिरिक्त फीस भी शामिल थी।
हालांकि, रात 10.30 बजे शर्मा को कंपनी से एक सूचना मिली कि उनका ऑर्डर रद्द कर दिया गया है और पैसे के रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा ने कहा, "अगर तय समय में आइटम डिलीवर करने में कोई दिक्कत है, तो बुकिंग के समय ऑर्डर नहीं लेना चाहिए था, जिसे 15 मिनट बीतने के बाद उन्होंने कैंसल कर दिया। इस तरह सेवा मुहैया करने में गंभीर कमी का मामला है और इसके लिए ऑर्डर लिए बुकिंग स्वीकार करने वाला जिम्मेदार है।"
शर्मा ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, "बुकिंग करते समय जब कंपनी ने 'समय पर डिलीवरी या फ्री' अभियान के तहत 10 रुपये अतिरिक्त चार्ज किए, तो उनसे ऑर्डर समय पर डिलीवर करने की उम्मीद की गई थी। "
"जब उत्तरदाताओं ने उनके द्वारा शुरू किए गए 'समय पर या मुफ्त' अभियान के लिए 10 रुपये अतिरिक्त चार्ज किए, तो उनसे समय पर वितरित करने की उम्मीद की गई थी। ऐसा नहीं होने पर और इसके साथ ऑर्डर कैंसल करना एक तरह से उनकी तरफ से सेवा में चूक और अनुचित ट्रेड प्रैक्टिस का मामला बनता है।"
अजय शर्मा ने नई दिल्ली स्थित कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी के चीफ कमिश्नर पास शिकायत दर्ज कराई और इस उत्पीड़न के लिए मुआवजे की मांग की। हालांकि, उनकी शिकायत को खारिज कर दिया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने फिर चंडीगढ़ कंज्यूमर कमीशन के समक्ष एक याचिका दायर की।
उन्होंने जोमैटो से अपने कैंपेन का स्लोगन "कभी तो लेट हो जाता" को भी वापस लेने की मांग की।
चंडीगढ़ स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने अब जोमैटो को 'सेवा मुहैया करने में कमी और अनुचित ट्रेड प्रैक्टिस' के लिए अजय शर्मा को 10,000 रुपये हर्जाना और एक फ्री मील देने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म को 30 दिनों के भीतर फ्री मील देने का आदेश दिया गया है।
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