दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में सिविल सर्विस की तैयारी कर रही अभ्यर्थी को उसके कमरे में मृत पाया गया, उसने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी। अपने सुसाइड नोट में, उसने डिप्रेशन से जूझने और UPSC परीक्षा में फेल होने का जिक्र किया। महाराष्ट्र की अंजलि ने 21 जुलाई को इतना बड़ा कदम उठाया। अपने नोट में, उसने कई कोशिश के बावजूद सिविल सर्विस एग्जाम पास नहीं करने पर अपनी निराशा जताई और बताया कि वो कैसे डिप्रेशन से जूझ रही थी।
छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा, “मुझे माफ कर दो मम्मी पापा। मैं असल में अब जीवन से तंग आ चुकी हूं और यहां केवल समस्याएं और समस्याएं ही हैं, शांति नहीं है। मुझे शांति चाहिए। मैंने इस तथाकथित डिप्रेशन से छुटकारा पाने के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन मैं इससे उबर नहीं पाई।"
सरकार से रोजगार पैदा करने की अपील
उसने आगे कहा, “तब से मेरा एकमात्र सपना पहले अटेम्पट में UPSC पास करना था। मैं इतनी अस्थिर हूं, यह तो सभी जानते हैं।"
अंजलि के नोट में एक बड़े वित्तीय तनाव पर भी रोशनी डाली और सरकार से "सरकारी परीक्षाओं में घोटाले कम करने" और "रोजगार पैदा करने" की अपील की।
मकान मालिक ने बढ़ाया था किराया
इसके अलावा, उसने छात्रों के लिए शिक्षा और घरों की ज्यादा कॉस्ट की आलोचना करते हुए कहा, “PG और हॉस्टल किराए में भी कमी की जानी चाहिए। ये लोग सिर्फ छात्रों से पैसा लूट रहे हैं। हर छात्र इस खर्च को नहीं उठा सकता।”
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अंजलि की दोस्त श्वेता के अनुसार, उसके मकान मालिक ने हाल ही में उसके कमरे का किराया 15,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए कर दिया था।
दिल्ली पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और उन परिस्थितियों की समीक्षा कर रही है, जिनके कारण यह घटना हुई।