Get App

अमेरिका में बैठे खालिस्तान आतंकवादी पन्नू ने अमित शाह और जयशंकर को निशाना बनाने की दी खुली धमकी, निज्जर की हत्या का दोषी ठहराया

नामित आतंकवादी जीएस पन्नू (GS Pannu) ने एक वीडियो जारी कर, भारत के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा (Sanjay Kumar Verma) की विदेश यात्रा के बारे में जानकारी देने वाले को 1,25000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 21, 2023 पर 2:24 PM
अमेरिका में बैठे खालिस्तान आतंकवादी पन्नू ने अमित शाह और जयशंकर को निशाना बनाने की दी खुली धमकी, निज्जर की हत्या का दोषी ठहराया
अमेरिका में बैठे खालिस्तान आतंकवादी जीएस पन्नू ने अमित शाह और जयशंकर को निशाना बनाने की दी खुली धमकी

विदेशों में बैठे खालिस्तान आतंकवादी (Khalistani Terrorist) अब अपनी हदें पार कर रहे हैं। प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के अमेरिका में बैठे नामित आतंकवादी जीएस पन्नू (GS Pannu) ने एक वीडियो जारी कर, भारत के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा (Sanjay Kumar Verma) की विदेश यात्रा के बारे में जानकारी देने वाले को 1,25000 अमेरिकी डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। पन्नू ने इन लोगों पर जून में वैंकूवर में एक और खालिस्तान आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर (Hardeep Singh Nijjar) की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

Hindustan Times के मुताबिक, NIA ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत पन्नू को वॉटेंड घोषित किया है। उसके पास अमेरिका और कनाडा के डबल पासपोर्ट हैं। उसने निज्जर के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत शाह, जयशंकर और वर्मा को जवाबदेह ठहराने की धमकी दी। निज्जर सिख कट्टरपंथियों के बीच एक गैंग वॉर में मारा गया था।

इसके बाद SFJ ने कनाडा में सिख कट्टरपंथियों से 15 अगस्त को ओटावा, टोरंटो और वैंकूवर में भारतीय राजनयिक परिसरों की घेराबंदी करने का आह्वान किया है और 10 सितंबर को वैंकूवर में तथाकथित सिख जनमत संग्रह की भी घोषणा की है।

हालांकि, कनाडा में भारतीय राजनयिकों ने पहले ही खुफिया एजेंसियों और स्थानीय कानूनी विभागों को शाह, जयशंकर और वर्मा के ऊपर रखे इस इनाम की जानकारी दे दी है। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि भारत के करीबी सहयोगियों में से एक पन्नू को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जबकि दोनों देशों के बीच एक मजबूत संबंध है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें