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उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद बदल जाएंगे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार के नियम

उत्तराखंड आजादी के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि, गोवा में पुर्तगालों के शासन काल से ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू है। यूनिफॉर्म सिविल कोड भारत के सभी धार्मिक समुदायों पर लागू होगा। शादी, उत्तराधिकार, तलाक, गुजारा-भत्ता आदि मामलों में यह कोड अमल में आएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 05, 2024 पर 9:36 PM
उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद बदल जाएंगे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार के नियम
इसका मकसद बहुविवाह की प्रथा पर रोक लगाना और तमाम धार्मिक समुदायों में विवाह को लेकर एक कानून को लागू करना है।

उत्तराखंड आजादी के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। हालांकि, गोवा में पुर्तगालों के शासन काल से ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू है। यूनिफॉर्म सिविल कोड भारत के सभी धार्मिक समुदायों पर लागू होगा। शादी, उत्तराधिकार, तलाक, गुजारा-भत्ता आदि मामलों में यह कोड अमल में आएगा।

इस मामल में 5 सदस्यों वाली कमेटी द्वारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) को सौंपी गई रिपोर्ट में जनजातीय समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखने का सुझाव दिया गया है। इसका मकसद बहुविवाह की प्रथा पर रोक लगाना और तमाम धार्मिक समुदायों में विवाह को लेकर एक कानून को लागू करने की बात है।

इसके अलावा, हलाला, तीन तलाक जैसे मुस्लिम पर्सनल कानून को अपराध माना जाएगा। यूनिफॉर्म सिविल कोड लिव-इन रिलेशनशिप को भी रेगुलेट कर सकता है। उत्तराखंड विधानसभा द्वारा इसके फाइनल ड्राफ्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद यह गुजरात और असम जैसे बाकी राज्यों के लिए भी मॉडल की तरह काम आ सकता है।

पर्सनल कानूनों पर UCC का असर

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