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Bharat Coking Coal IPO : BCCL के मैनेजमेंट से जानिए कंपनी का ग्रोथ प्लान, फिर लीजिए निवेश का फैसला

BCCL IPO: कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि BCCL कोकिंग कोल के उत्पादन में देश की सबसे बड़ी कंपनी है। यह 50 साल से ज्यादा पुरानी कंपनी है। कंपनी ने पिछले साल 45.5 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। 2030 तक कंपनी का उत्पादन बढ़ा कर 56 मिलियन टन से ज्यादा करने का है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 09, 2026 पर 1:46 PM
Bharat Coking Coal IPO : BCCL के मैनेजमेंट से जानिए कंपनी का ग्रोथ प्लान, फिर लीजिए निवेश का फैसला
Bharat Coking Coal IPO : मेहता इक्विटीज के रिसर्च एनालिस्ट राजन शिंदे का कहना है कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का IPO निवेशकों को भारत की कोकिंग कोल वैल्यू चेन की एक बड़ी खिलाड़ी के रणनीतिक रूप से अहम एसेट्स में निवेश का मौका देता है

Bharat Coking Coal IPO : कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल (BCCL) का IPO आज से 13 जनवरी तक खुला रहेगा। IPO के लिए प्राइस बैंड 21-2 रुपए प्रति शेयर तय की गई है। कंपनी की इस आईपीओ से 1071 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसमें 46.57 करोड़ शेयरो का ऑफर फॉर सेल है। BCCL कोल इंडिया की सब्सिडियरी है। झारखंड और पश्चिम बंगाल में कंपनी के माइन्स हैं। 30 सितंबर 2025 तक इसके कुल 34 ऑपरेशनल माइन्स थे। इसके पर 4 अंडरग्राउंड माइंस, 26 ओपनकास्ट माइंस और 4 मिक्स्ड माइंस हैं।

सीएनबीसी-आवाज़ के साथ IPO की डिटेल पर बात करने के लिए भारत कोकिंग कोल के CMD, मनोज कुमार अग्रवाल और कोल इंडिया के डायरेक्टर (फाइनेंस), मुकेश अग्रवाल जुड़े। इस बातचीत में कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि BCCL कोकिंग कोल के उत्पादन में देश की सबसे बड़ी कंपनी है। यह 50 साल से ज्यादा पुरानी कंपनी है। कंपनी ने पिछले साल 45.5 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया था। 2030 तक कंपनी का उत्पादन बढ़ा कर 56 मिलियन टन से ज्यादा करने का है। कंपनी का रिजर्व 1 अरब टन से ज्यादा का है। निवेशकों को इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का रिजर्व 100 साल से ज्यादा की जरूरतें पूरी कर सकता है। कोकिंग कोल का उत्पादन स्टील इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल का काम करता है।

आगे देश में स्टील का उत्पान बढ़ने के साथ ही कोयले का मांग और उत्पादन दोनों में बढ़त होगी। इससे कंपनी की आय भी बढ़ेगी और कैपिटल गेन भी होगा। आईपीओ से आया सारा पैसा पैरेंट कंपनी CIL को जाएगा। CIL इस पैसे को रेयर अर्थ और सोलर एनर्जी जैसे अलग-अलग वर्टिकल्स में लगाएगी। इससे कंपनी और उसके निवेशकों दोनों को फायदा होगा। आगे भी कोयले की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।

आईपीओ पर एक्सपर्ट की राय

मेहता इक्विटीज के रिसर्च एनालिस्ट राजन शिंदे का कहना है कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का IPO निवेशकों को भारत की कोकिंग कोल वैल्यू चेन की एक बड़ी खिलाड़ी के रणनीतिक रूप से अहम एसेट्स में निवेश का मौका देता है। झरिया कोयला क्षेत्रों में इसका बड़ा रिज़र्व बेस, कोकिंग कोल वॉशरी क्षमता में लीडिंग पोजीशन और मजबूत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर इसको खास बनाते है। कोल इंडिया के तकनीकी और वित्तीय समर्थन से, BCCL स्ट्रक्चरल डिमांड के अनुकूल माहौल को देखते हुए अच्छी स्थिति में है।

हालांकि, कंपनी का FY2025 और 6MFY2026 का परफॉर्मेंस अस्थायी ऑपरेशनल रुकावटों और खराब मौसम से प्रभावित हुआ था, लेकिन ये चुनौतियां अस्थायी हैं। वॉशरी के विस्तार, एसेट मोनेटाइजेशन की पहलों और माइनिंग एक्टिविटी के सामान्य होने के साथ ही FY2027 से कंपनी के वॉल्यूम और कमाई में रिकवरी की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को लॉन्ग-टर्म में फायदा होगा।

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