Blackbuk IPO: ब्लैकबक में Flipkart हल्की करेगी हिस्सेदारी, आईपीओ के लिए पेपर जमा

Blackbuk IPO: लॉजिस्टिक्स यूनिकॉर्न ब्लैकबक के आईपीओ का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कंपनी ने बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट फाइल कर दिया है। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर ही नहीं जारी होंगे बल्कि ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी भी हल्की करेंगे

अपडेटेड Jul 08, 2024 पर 2:17 PM
Blackbuk IPO: सेबी के पास दाखिल आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक इश्यू के तहत 550 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे।

Blackbuk IPO: लॉजिस्टिक्स यूनिकॉर्न ब्लैकबक के आईपीओ का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कंपनी ने बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट फाइल कर दिया है। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर ही नहीं जारी होंगे बल्कि ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत मौजूदा शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी भी हल्की करेंगे। यह कंपनी करीब तीन साल पहले वर्ष 2021 में यूनिकॉर्न बनी थी। अब इसका आईपीओ आ रहा है जिसके जरिए न सिर्फ फाउंडर्स बल्कि फ्लिपकार्ट (Flipkart) और टाइगर ग्लोबल जैसे दिग्गज निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।

Blackbuk IPO की डिटेल्स

सेबी के पास दाखिल आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक इश्यू के तहत 550 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा 2.16 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री होगी। इश्यू के जरिए कंपनी के फाउंडर्स राजेश याबाजी 22 लाख, चाणक्य ह्रदय 11 लाख और रामसुब्रमणियन 11 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे। इसके अलावा Accel भी आईपीओ के जरिए 52 लाख, टाइगर ग्लोबल 9 लाख और फ्लिपकार्ट 4 लाख और आईएफसी 17 लाख शेयरों की बिक्री करेगी। आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी मार्केटिंग, एनबीएफसी इकाई में निवेश, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

BlackBuck की डिटेल्स


वर्ष 2015 में बनी ब्लैकबक जिंका लॉजिस्टिक सॉल्यूशंस की कंपनी है। यह बी2बी ऑनलाइन ट्रकिंग प्लेटफॉर्म है जो कंपनियों और ट्रकवालों को आपस में जोड़ता है। इसके अलावा इसका सर्विस बिजनेस भी है जो जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइसेज, फास्टैग्स और फ्यूल कार्ड भी बेचती है। वर्ष 2021 में सीरिज-ई फंडिंग राउंड के तहत इसने 6.7 करोड़ डॉलर जुटाए थे। यह फंड 1.01 बिलियन डॉलर यानी 102 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर जुटाया गया था यानी कि यह यूनिकॉर्न बन गई।

इस फंडरेज में अमेरिका की ट्राइब कैपिटल, आईएफसी एमर्जिंग एशिया और वीईएफ में शामिल हुए थे। तत्कालीन निवेशक वेलिंगटन मैनेजमेंट, सैंड्स कैपिटल और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन भी इस राउंड में शामिल हुए थे। कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसका ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 69 फीसदी उछलकर 176 करोड़ रुपये हो गया तो शुद्ध घाटा भी 290 करोड़ रुपये से घटकर 290 करोड़ रुपये पर आ गया।

Apple big plan for India: अब भारत में iPad भी बनाएगी एपल, एक बार पहले भी कर चुकी है कोशिश

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।