Delhivery IPO: लॉजिस्टिक्स कंपनी का इश्यू आज खुलेगा और 13 मई को बंद होगा। Delhivery ने इश्यू खुलने से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 2400 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं। कंपनी 5235 करोड़ रुपए का इश्यू लेकर आ रही है। इसले पहले कंपनी 7460 करोड़ रुपए का इश्यू लेकर आ रही थी लेकिन कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के कारण इश्यू साइज को छोटा कर दिया गया।
कंपनी ने 64 एंकर इनवेस्टर्स से यह फंड जुटाया है। इनमें कई हाई क्वालिटी वाले FPIs शामिल हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक शख्स ने बताया, "कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 2400 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इनमें GIC, टाइगर ग्लोबल इनवेस्टमेंट्स, स्टीडव्यू कैपिटल मास्टर फंड, ओमेरस कैपिटल मार्केट्स एशिया होल्डिंग्स, शोरेडर इंटरनेशनल सेलेक्शन फंड और गोल्डमैन सैक्स शामिल हैं।"
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक अन्य शख्स ने ये बताया कि एंकर इनवेस्टर्स में वानीक फंड्स, फिडेलिटी, एबरदीन, बैली गिफर्ड पैसिफिक फंड, अमांसा होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड सहित कुछ दूसरी कंपनियां शामिल हैं। सूत्र ने बताया कि बे कैपिटल, ज्यूपिटर इंडिया फंड और अशोका इंडिया ऑपर्च्यूनिटीज फंड शामिल है।
Delhivery IPO की जानकारी रखे वाले एक सूत्र ने बताया कि ICICI प्रूडेंशियल फ्लेक्सीकैप फंड, HDFC लार्ज एंड मिडकैप फंड, SBI, IDFC और IIFL की कंपनियां भी एंकर इनवेस्टर्स में शामिल थी।
एक लॉजिस्टिक कंपनी (स्टार्टअप) है। इंडिया में कुल 19,300 पिन कोड्स हैं। इनमें से 88 फीसदी पिन कोड्स वाली जगहों पर यह डिलीवरी सर्विसेज देती है। यह गुड़गांव की कंपनी है।
Delhivery आईपीओ से 5,235 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। पहले इसने 7,460 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बनाया था। लेकिन, स्टॉक मार्केट में खराब हलात को देखते हुए इसने अपने आईपीओ का आकार घटा दिया। इस आईपीओ में कंपनी 4,000 करोड़ रुपये मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। 1,235 करोड़ रुपये ऑफर फॉर सेल होगा। इसका मतलब है कि कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर इतने अमाउंट के अपने शेयर इस आईपीओ में बेचेंगे।
Delhivery ने जो ड्राफ्ट सेबी को सौंपा है, उसके मुताबिक उसने अब तक प्रॉफिट नहीं कमाया है। दिसंबर 2021 में खत्म 9 महीने में कंपनी को 891.14 करोड़ रुपये का लॉस हुआ। फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इसे 415.7 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था।
कंपनी के एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर का प्राइस बैंड 462-487 रखा गया है। एक लॉट 30 शेयरों का है। कंपनी इश्यू से हासिल रकम का इस्तेमाल अपने ग्रोथ के लिए करेगी। उसने ग्रोथ के लिए दूसरी कंपनी के अधिग्रहण का विकल्प खुला रखा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि Delhivery ने शेयर का जो प्राइस तय किया है, वह महंगा है। आईपीओ एनालिस्ट आदित्य कोंडावार ने कहा, "फ्यूल कॉस्ट बढ़ा है, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ऐसे कई मसले हैं, जो कंपनी के लिए मुश्किल पैदा करेंगे। इस बिजनेस की कुछ कंपनियां पहले से लिस्टेड हैं, जो प्रॉफिट कमा रही हैं। उनमें इनवेस्ट करने के बारे में सोचा जा सकता है।"
एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि इस कंपनी के ऑपरेशनल मॉडल से भी कुछ जोखिम जुड़े हुए हैं। दूसरे वर्टिकल्स में डायवर्सिफाय करने के बावजूद ई-कॉमर्स पर इसकी बहुत ज्यादा निर्भरता है। ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल्स और स्टाफ के लिए इसकी निर्भरता नेटवर्क पार्टनर्स और थर्ड पार्टीज पर है।
ब्रोकरेज फर्म यस सिक्योरिटीज ने इस इश्यू में इनवेस्ट करने की सलाह दी है। उसका मानना है कि Delhivery का एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल अच्छा है। कंपनी ने अपने नेटवर्क का बहुत विस्तार किया है। अलग-अलग तरह के कस्टमर्स के साथ इसका बहुत अच्छा रिलेशंस है।