LIC के शेयर का ग्रे मार्केट में प्रीमियम टॉप लेवल से 90 फीसदी फिसला

सरकार ने एलआईसी के आईपीओ की साइज घटा दी थी। यह इश्यू करीब 21,000 करोड़ रुपये का था। शुरुआत में सरकार ने 60,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बनाया था

अपडेटेड May 10, 2022 पर 6:41 PM
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एक हफ्ते पहले ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रीमियम 100-105 रुपये तक पहुंच गया था।

LIC का आईपीओ सोमवार को बंद हो गया। आईपीओ बंद होने के साथ ही ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की डिमांड घट गई। इस वजह से ग्रे मार्केट में इस शेयर का प्रीमियम बहुत ज्यादा घट गया।

ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर पर प्रीमियम घटकर 8-10 रुपये रह गया है। एक हफ्ते पहले ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रीमियम 100-105 रुपये तक पहुंच गया था। बताया जाता है कि एलआईसी के शेयरों से बड़े इनवेस्टर्स ने दूरी बनाए रखी। उधर, स्टॉक मार्केट में पिछले एक-दो हफ्ते से हालात खराब बने हुए हैं। इसका असर ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर के प्रीमिमय पर पड़ा।

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इस आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स ने दिखाई। इसके चलते पॉलिसीहोल्डर्स कोटा 6.12 गुना सब्सक्राइब हुआ। एलआईसी के कर्मचारियों ने भी इस आईपीओ में जमकर बोली लगाई। इस वजह से एंप्लॉयीज कोटा 4.40 गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल इनवेस्टर्स का पोर्शन 1.99 गुना सब्सक्राइब हुआ। नॉन-इंस्टीट्यूशनल कैटेगरी 2.91 सब्सक्राइब हुई। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा 2.83 गुना सब्सक्राइब हुआ।

सरकार इस आईपीओ के जरिए एलआईसी के अपने 20,557 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेच रही है। इसके मुकाबले आईपीओ में इनवेस्टर्स ने करीब 60,000 करोड़ मूल्य के शेयरों के लिए बोली लगाई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर स्टॉक मार्केट में हालात खराब नहीं होते तो एलआईसी के शेयरों को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता।

अनलिस्टेडएरेना के को-फाउंडर अभय दोषी ने इकोनॉमिक टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि सही वैल्यूएशन के बावजूद यह एलआईसी का आईपीओ लॉन्च करने का सही वक्त नहीं था। बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव और प्रमुख सूचकांकों में लगातार गिरावट का असर इस आईपीओ पर पड़ा।

सरकार ने एलआईसी के आईपीओ की साइज घटा दी थी। यह इश्यू करीब 21,000 करोड़ रुपये का था। शुरुआत में सरकार ने 60,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने का प्लान बनाया था। उसने एलआईसी की वैल्यूएशन भी करीब 17 लाख करोड़ रुपये लगाई थी। आईपीओ के लिए इसे घटाकर 6 लाख करोड़ रुपये कर दी थी।

LIC के शेयर 17 मई को बीएसई और एनएसई में लिस्ट होंगे। इससे पहले इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट कर दिए जाएंगे। उम्मीद है कि इनवेस्टर्स के डीमैंट अकाउंट में 16 मई को शेयर आ जाएंगे। जिन इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट नहीं होंगे, उनके पैसे अकाउंट में रिलीज कर दिए जाएंगे।

 

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