Enviro Infra Engineers IPO: एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का 650.43 करोड़ रुपये का इश्यू 22 नवंबर को ओपन हो गया। पहले दिन यह दोगुना भर गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.04 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा लगभग 3 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.70 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 3.17 गुना सब्सक्राइब हुआ।
IPO में 572.46 करोड़ रुपये के 3.87 करोड़ नए शेयर जारी हो रहे हैं। साथ ही 77.97 करोड़ रुपये के 53 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल है। इश्यू 26 नवंबर को बंद होगा। अलॉटमेंट 27 नवंबर को फाइनल हो सकता है और शेयरों की लिस्टिंग BSE, NSE पर 29 नवंबर को होगी। IPO से पहले कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 194.69 करोड़ रुपये जुटाए।
एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स गवर्नमेंट अथॉरिटी/बॉडी के लिए वाटर और वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स और वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव में लगी हुई है। पिछले सात वर्षों में कंपनी ने पूरे भारत में 28 ऐसे प्रोजेक्ट्स डेवलप किए हैं।
Enviro Infra Engineers IPO के लिए प्राइस बैंड 140-148 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज 101 शेयर है। कंपनी के प्रमोटर संजय जैन, मनीष जैन, रितु जैन और सांची जैन हैं। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, सब्सिडियरी EIEL Mathura Infra Engineers Private Limited में निवेश, उधारी को आंशिक या पूर्ण रूप से चुकाने, अनआइडेंटिफाइड एक्वीजीशंस के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ की फंडिंग और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
ग्रे मार्केट से क्या सिग्नल
Enviro Infra Engineers के शेयर ग्रे मार्केट में IPO के अपर प्राइस बैंड 148 रुपये से 38 रुपये या 25.68 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इस बेसिस पर शेयरों की लिस्टिंग 186 रुपये के भाव पर हो सकती है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
Enviro Infra Engineers की वित्तीय स्थिति
वित्त वर्ष 2024 में एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स का नेट प्रॉफिट बढ़कर 110.5 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 55 करोड़ रुपये से 101% अधिक है। इस अवधि के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 338.1 करोड़ रुपये से 115.6% बढ़कर 728.9 करोड़ रुपये हो गया। जून 2024 को समाप्त तीन महीने की अवधि में मुनाफा 30.8 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 205.6 करोड़ रुपये रहा।