Eppeltone Engineers IPO: एप्पेलटोन इंजीनियर्स लिमिटेड के IPO सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन निवेशकों से जबरदस्त रिस्पांस देखने को मिला। बोली लगाने के दूसरे दिन 19 जून को शाम 5:20 बजे तक, ₹13.91 करोड़ के इस SME IPO को 36.67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के ऑफर किए गए 22,84,000 शेयरों के मुकाबले 8,37,44,000 शेयरों के लिए बोलियां मिली है। रिटेल और गैर-संस्थागत निवेशकों ने इस आईपीओ में खास दिलचस्पी दिखाई है। रिटेल निवेशकों ने जहां 54.94 गुना वहीं NII ने 39.53 गुना सब्सक्राइब किया है। योग्य संस्थागत खरीदार (QIB) श्रेणी को 2.50 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। यह IPO बुधवार 19 जून को बंद हो जाएगा। सोमवार को बोली लगाने के पहले दिन इसे 1.45 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
एप्पेलटोन इंजीनियर्स IPO का प्राइस बैंड ₹128 प्रति शेयर है। न्यूनतम लॉट साइज 1,000 शेयर है, जिसके लिए रिटेल निवेशकों को ₹1,28,000 का निवेश करना होगा। NIIs के लिए, न्यूनतम 2 लॉट (2,000 शेयर) हैं, जिनकी कीमत ₹2,56,000 होगी।
एप्पेलटोन इंजीनियर्स IPO की पूरी जानकारी
एप्पेलटोन इंजीनियर्स का IPO एक बुक-बिल्डिंग इश्यू है जिसकी कीमत ₹41.75 करोड़ है, जिसमें 32.62 लाख इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। IPO 17 जून को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 19 जून को बंद होगा। शेयर अलॉटमेंट को 20 जून को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, जबकि लिस्टिंग 24 जून को NSE SME पर होनी है। एक्सपर्ट ग्लोबल कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड इस इश्यू को लीड बुक रनर के रूप में प्रबंधित कर रहा है, स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार है, और प्रभात फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड मार्केट मेकर है।
1977 में स्थापित एप्पेलटोन इंजीनियर्स लिमिटेड, मुख्य रूप से B2B सेगमेंट में सरकारी ग्राहकों को स्मार्ट मीटर, पावर कंडीशनिंग डिवाइस और ऊर्जा प्रबंधन सॉल्यूशन प्रोडक्ट बनाती है। 31 मार्च, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में एप्पेलटोन इंजीनियर्स लिमिटेड का राजस्व में 57% वहीं टैक्स के बाद प्रॉफिट (PAT) में 38% की वृद्धि हुई।
एप्पेलटोन इंजीनियर्स IPO का GMP
IPO मार्केट एक्स्पर्ट्स के अनुसार, एप्पेलटोन इंजीनियर्स IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 45.31% है, जो निवेशकों के लिए मजबूत लिस्टिंग लाभ का संकेत देता है। कंपनी के शेयर 24 जून को NSE SME पर लिस्ट होंगे। बता दें कि GMP बाजार के सेंटीमेंट पर आधारित होता है और लगातार बदलता रहता है। 'ग्रे मार्केट प्रीमियम' किसी कंपनी के शेयरों का इश्यू मूल्य से अधिक या कम पर लिस्टिंग को दर्शाता है।