OYO के IPO को न दें मंजूरी, होटल एसोसिएशन ने फिर SEBI से की अपील, कहा- 'डूब जाएगा निवेशकों का पैसा'

एसोसिएशन ने कहा कि सॉफ्टबैंक के निवेश वाली OYO को हाल के सालों में भारी घाटा हुआ है, ऐसे में इसे आईपीओ लाने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए

अपडेटेड May 11, 2022 पर 9:36 PM
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ओयो ने पिछले साल अक्टूबर में SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए थे

फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने एक बार फिर से मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से हॉस्पिटैलिटी फर्म ओयो (OYO) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को मंजूरी नहीं देन की अपील की है। एसोसिएशन ने का कि सॉफ्टबैंक के निवेश वाली OYO को हाल के सालों में भारी घाटा हुआ है, ऐसे में इसे आईपीओ लाने की मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए।

FHRAI ने बताया, ओयो को वित्त वर्ष 2021 में 3,943.84 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जिसका मतलब है कि कंपनी को हर मिनट 76,077 रुपये का नुकसान हुआ। ओयो 2013 में लॉन्च हुई थी और तब से यह घाटे में चल रही है। इसका टर्नओवर साल 2020 में 13,413 करोड़ रुपये था, जो साल 2021 में घटकर 4,157 रुपये पर आ गया। एसोसिएशन ने सेबी से कहा कि OYO का IPO आम निवेशकों के पैसे डुबा देगा और सिर्फ इसके फाउंडर्स और मैनेजमेंट ही इससे अमीर बनेंगे।

बता दें कि FHRAI ने इससे पहले भी अपर्याप्त खुलासे और कथित गलत आंकड़ों को लेकर OYO के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर आपत्ति जता चुकी है।


FHRAI के वाइस-प्रेसिडेंट गुरबख्श सिंह कोहली ने बताया, "कॉम्पिटीशन को खत्म करवे वाले बिजनेस तरीकों को अपनाने के अलावा, OYO एक ऐसी कंपनी है जो अपने शुरुआत से ही घाटे में है। इसने भले ही निवेशकों से काफी पैसा जुटाए हों और इसके देश के सबसे होनहार स्टार्टअप के रूप में देखा जाता हो, लेकिन हकीकत यह है कि इसने अपने कारोबार को जमीन पर प्रभावी तरीके से संभालने के लिए कुछ भी नहीं किया है।"

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कोहली ने कहा, "OYO के पास ESOP (एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन प्रोग्राम) का भी सबसे अधिक भंडार है, जिसकी वैल्यू 1.1 अरब डॉलर बताई जताई है। यह हास्यास्पद है। कंपनी के खराब वित्तीय सेहत और घाटे के अलावा, यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि कॉम्पिटीशन कमीशन ऑफ इंडिया इसके खिलाफ कॉम्पिटीशन-विरोधी तरीके अपनाने को लेकर जांच कर रही है।"

कोहली ने यह भी कहा कि OYO की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। साथ ही OYO होटलों को चलाने में विफल रहा है और उसने कोराना का बहाना बनाकर ऐसे सैंकड़ों होटलों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया है, जिनके साथ उसका मास्टर सर्विस एग्रीमेंट (MSA) था। कोहली ने यह भी आरोप लगाया कि ओयो ने कई छोटे होटल का बकाया नहीं चुकाया है।

कोहली ने कहा, “आज की तारीख में, यह बताया गया है कि ओयो एक भी होटल नहीं चलाती है। इसने होटलों का चलाना बंद कर दिया है और यह एक ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट तक सीमित हो गई है। हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री ओयो को लेकर सजग है और इसकी आवाज के रूप में, FRHAI लोगों को सावधान करना चाहता है और सेबी से इसका IPO वापस लेने की अपील करता है।”

इस बीच ओयो ने बाजार में जारी अस्थिरता को देखते हुए अपने IPO लाने की योजना को आगे बढ़ा दिया है। ओयो ने पिछले साल अक्टूबर में मार्केट रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए थे।

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