फ्रैक्टल एनालिटिक्स का 2833.90 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 9 फरवरी को खुल रहा है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, यह भारत की पहली प्योर-प्ले आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी है, जो पब्लिक मार्केट में उतरेगी। इसके अपर प्राइस बैंड पर इसकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा रहने की उम्मीद है। IPO में 11 फरवरी तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड 857-900 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज 16 शेयर है। IPO में 1023.50 करोड़ रुपये के 1.14 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 1810.40 करोड़ रुपये के 2.01 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा।
IPO बंद होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE, NSE पर 16 फरवरी को हो सकती है। फ्रैक्टल एनालिटिक्स की शुरुआत मार्च 2000 में हुई थी। यह एक ग्लोबल एंटरप्राइज AI और एनालिटिक्स फर्म है। यह एक डिसीजन इंटेलिजेंस प्लेयर के तौर पर मौजूद है, जो AI-लेड सर्विसेज को इनक्यूबेटेड SaaS ऑफरिंग के साथ कंबाइन करती है। यह बड़ी ग्लोबल कंपनियों को डेटा से मिलने वाले इनसाइट्स के साथ सपोर्ट करती है और अपने एंड-टू-एंड AI सॉल्यूशंस के जरिए बेहतर फैसले लेने में उनकी मदद करती है।
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट का कहना है, “900 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर FY25 के बाद के P/E के लगभग 79x पर वैल्यूएशन महंगे लग रहे हैं। लेकिन यह एक लिस्टेड AI प्लेटफॉर्म के लिए 'स्केर्सिटी प्रीमियम' दिखाता है।” मतलब कि वैल्यूएशंस इसलिए ज्यादा हैं क्योंकि लिस्टेड AI प्लेटफॉर्म बहुत कम हैं। आगे कहा कि यह स्टॉक उन इनवेस्टर्स के लिए बेस्ट है, जो हाई-रिस्क लेने को तैयार हैं, ग्रोथ पर फोकस करते हैं, और 3–5 साल के निवेश समय के साथ ग्लोबल GenAI ट्रेंड का फायदा उठाना चाहते हैं।
SBI सिक्योरिटीज का कहना है कि 900 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर इस इश्यू का FY25 के लिए पोस्ट-इश्यू P/E मल्टीपल 78.9x है। इसे ब्रोकरेज अपेक्षाकृत मामूली ग्रोथ के हिसाब से हाई मानती है। ब्रोकरेज ने FY23 और FY25 के बीच रेवेन्यू 18 प्रतिशत CAGR से बढ़ने का अनुमान दिया है। FY26 की पहली छमाही में ग्रोथ सालाना आधार पर 20 प्रतिशत रह सकती है। इसके अलावा ब्रोकरेज ने 15 प्रतिशत से ज्यादा के लगातार ऊंचे एट्रिशन लेवल की ओर भी इशारा किया है।
यह भी चेतावनी दी है कि क्लाइंट्स द्वारा इनसोर्सिंग में बढ़ोतरी, खासकर AI टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के साथ, फ्रैक्टल के बिजनेस मॉडल के लिए रिस्क पैदा कर सकती है। SBI सिक्योरिटीज ने कहा, "बढ़े हुए वैल्यूएशंस को देखते हुए हम इस IPO को 'न्यूट्रल' रेटिंग देते हैं। हम लिस्टिंग के बाद कुछ तिमाहियों तक कंपनी की परफॉर्मेंस को ट्रैक करना चाहेंगे।"
Fractal Analytics IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. है। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। Fractal Analytics के शेयर ग्रे मार्केट में IPO के अपर प्राइस बैंड 900 रुपये से 98 रुपये या 10.89% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं।
कंपनी की वित्त वर्ष 2025 में इनकम 2816.20 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 2241.90 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा 220.60 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान फ्रैक्टल एनालिटिक्स की इनकम 1594.30 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 70.90 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 274.60 करोड़ रुपये की उधारी थी।
IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
फ्रैक्टल एनालिटिक्स अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरी Fractal USA में निवेश के लिए करेगी। इसके जरिए उधारी को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाया जाएगा। इसके अलावा लैपटॉप खरीदे जाएंगे, नए ऑफिस शुरू किए जाएंगे, रिसर्च एंड डेवलपमेंट में निवेश किया जाएगा, Fractal Alpha के तहत सेल्स एंड मार्केटिंग में पैसा लगाया जाएगा। साथ ही पहले से न पता अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ को फंड किया जाएगा। बाकी बचे फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
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