वेल्थ-टेक फर्म ग्रो (Groww) की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स का IPO 4 नवंबर से खुल रहा है। इश्यू की ओपनिंग से पहले बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड्स और विदेशी फंड्स से 50,000 करोड़ रुपये की बोलियां मिली हैं। मनीकंट्रोल को कुछ बैंकिंग सूत्रों से पता चला है कि एंकर बुक लगभग 3,000 करोड़ रुपये की है और 15 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्राइब हो गई है। यानि कि कंपनी ने एंकर बुक में जितने शेयर रखे, निवेशकों ने उससे कई गुना ज्यादा खरीदने की इच्छा जताई।
एंकर बुक के तहत देश के 10 बड़े म्यूचुअल फंड्स में से 8 ने निवेश किया है। इनमें SBI म्यूचुअल फंड भी शामिल है। साथ ही सिकोइया कैपिटल, ड्रैगनियर इनवेस्टमेंट ग्रुप और कोट्यू मैनेजमेंट जैसे प्रमुख अमेरिकी निवेशकों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया है। ग्रो का IPO 6632.30 करोड़ रुपये का है। एक सूत्र ने बताया कि इस साइज पर यह IPO कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 7 अरब डॉलर पर पहुंचा देगा।
ग्रो के प्लेटफॉर्म के जरिए म्यूचुअल फंड्स, शेयरों, F&O, ETFs, IPOs, डिजिटल गोल्ड और अमेरिकी स्टॉक्स में निवेश किया जा सकता है। ग्रो के 1.4 करोड़ से ज्यादा एक्टिव रिटेल इनवेस्टर हैं। इसे 2016 में शुरू किया गया था। कंपनी के प्रमोटर ललित केशरे, हर्ष जैन, ईशान बंसल और नीरज सिंह हैं।
ग्रो के IPO में निवेश के लिए प्राइस बैंड 95-100 रुपये प्रति शेयर और लॉट साइज 150 शेयर है। IPO में 1,060 करोड़ रुपये के 10.60 करोड़ नए शेयर जारी होने वाले हैं। साथ ही 5,572.30 करोड़ रुपये के 55.72 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा। 7 नवंबर को इश्यू बंद होने के बाद अलॉटमेंट 10 नवंबर को फाइनल होगा। शेयर BSE, NSE पर 12 नवंबर को लिस्ट हो सकते हैं। ग्रे मार्केट में ग्रो के शेयर का प्रीमियम गिर गया है। शेयर अपर प्राइस बैंड से 14 रुपये या 14% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इससे पहले शेयर 16.7 रुपये के प्रीमियम पर था।
ऑफर फॉर सेल में ललित केशरे, हर्ष जैन, ईशान बंसल और नीरज सिंह में से हर कोई 10 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रख रहा है। इसके अलावा, पीक XV पार्टनर्स इनवेस्टमेंट्स VI-1, YC होल्डिंग्स II, रिबिट कैपिटल V, GW-E रिबिट ऑपर्चुनिटी V, इंटरनेट फंड VI पीटीई लिमिटेड और कॉफमैन फेलोज फंड एल.पी. जैसे निवेशक भी अपने शेयर बेच रहे हैं।
Groww कैसे करेगी IPO के पैसों का इस्तेमाल
IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च के लिए, ब्रांड बिल्डिंग और परफॉरमेंस मेकिंग एक्टिविटीज पर, सब्सिडियरी GCS और GIT में निवेश के लिए, अनजानी एक्वीजीशंस के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। IPO में 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।