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बजाज हाउसिंग का छीनने वाला है ताज? आ रहा यह धांसू IPO, ग्रे मार्केट में मिल रहा ₹1,400 का एक शेयर

HDB Financial IPO: क्या बजाज हाउसिंग फाइनेंस का ताज उससे छीनने वाला है? शेयर बाजार में धमाकेदार लिस्टिंग के बाद यह कंपनी आज की तारीख में देश की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाली NBFC (नॉन-बैकिंग फाइनेंस कंपनी) बन गई है। इससे ऊपर सिर्फ इसकी ही पैरेंट कंपनी बजाज फाइनेंस है। लेकिन अब लगता है कि HDFC बैंक ने उसे पीछे छोड़ने की तैयारी कर ली है। HDFC बैंक ने अपनी एक सहयोगी, HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का आईपीओ लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 23, 2024 पर 10:05 PM
बजाज हाउसिंग का छीनने वाला है ताज? आ रहा यह धांसू IPO, ग्रे मार्केट में मिल रहा ₹1,400 का एक शेयर
HDB Financial IPO: इसका एक शेयर अनलिस्टेड मार्केट में 1,375 से 1,450 रुपये के भाव पर मिल रहा है

HDB Financial Services IPO: क्या बजाज हाउसिंग फाइनेंस का ताज उससे छीनने वाला है? शेयर बाजार में धमाकेदार लिस्टिंग के बाद यह कंपनी आज की तारीख में देश की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाली NBFC (नॉन-बैकिंग फाइनेंस कंपनी) बन गई है। इससे ऊपर सिर्फ इसकी ही पैरेंट कंपनी बजाज फाइनेंस है। लेकिन अब लगता है कि HDFC बैंक ने उसे पीछे छोड़ने की तैयारी कर ली है। HDFC बैंक ने अपनी एक सहयोगी NBFC, HDB Financial Services का आईपीओ लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के मुकाबले यह IPO कितना अच्छा है? आज के इस वीडियो में हम इसी बारे में विस्तार से बात करेंगे।

HDFC बैंक के बोर्ड ने HDB फाइनेंशियल सर्विस का IPO लाने की मंजूरी दे दी है। इस IPO में ₹2,500 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, मौजूदा शेयरधारक भी इस IPO के जरिए अपने शेयर बेच सकते हैं। HDFC बैंक की इस कंपनी में करीब 94.6 फीसदी हिस्सेदारी है। ऐसे में इस IPO का असर HDFC बैंक के वैल्यूएशन पर भी देखने को मिल सकता है। ग्रे मार्केट में तो अभी से इस शेयर की काफी मांग दिख रही है। इसका एक शेयर अनलिस्टेड मार्केट में 1,375 से 1,450 रुपये के भाव पर मिल रहा है। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 1,08,800 से 1,14,000 करोड़ रुपये के बीच आ रहा है।

क्या इतना वैल्यूएशन सही है? आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं। HDB फाइनेंशियल सर्विस एक बड़ी रिटेल फाइनेंस कंपनी हैं। जून तिमाही तक के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में इसकी 1,727 से अधिक शाखाएं थीं। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 96,000 करोड़ रुपये है, जो पिछले 2 सालों में सालाना 30% की दर से बढ़ा है।

कोरोना महामारी के दौरान जरूर इसके एसेट क्वालिटी पर असर पड़ा था, लेकिन अब इसका ग्रॉस NPA 1.9% तक कम हो गया है। इसके अलावा कंपनी के मुनाफे में भी सुधार हुआ है और इसका रिटर्न ऑन इक्विटी 19.5% तक पहुंच गया है।

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