हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अपना IPO ला सकती है। कंपनी के अपनी 10-11 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 5,000-6,000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है। यह बात मनीकंट्रोल को मामले की जानकारी रखने वाले एक आधिकारिक सूत्र से पता चली है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के एसेट्स में मोनेटाइजेशन पर जोर दे रही है। सरकार ने फरवरी में नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का दूसरा चरण शुरू किया था। इसका लक्ष्य 2030 तक 16.73 लाख करोड़ रुपये के एसेट्स को मोनेटाइज करना है।
सूत्र के मुताबिक, "योजना यह है कि एसेट मोनेटाइजेशन रोडमैप के हिस्से के तौर पर चालू वित्त वर्ष के अंदर HURL का IPO लाया जाए। इसके तहत कुल 10-11% हिस्सेदारी बेचकर 5,000-6,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।" हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड 15 जून, 2016 को इनकॉरपोरेट हुई थी। यह कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), NTPC लिमिटेड (NTPC) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) का एक संयुक्त उद्यम यानि कि जॉइंट वेंचर है। इनमें से हर कंपनी की HURL में 29.67 प्रतिशत हिस्सेदारी है, यानि कि 89 प्रतिशत इक्विटी शेयर।
इसके अलावा, फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (FCIL) और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HFCL) के पास बाकी की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह हिस्सेदारी उन्हें उनकी इस्तेमाल योग्य संपत्तियों, अवसर लागत (opportunity cost) और उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में स्थित 3 प्लांट लोकेशंस पर पट्टे (lease) के आधार पर जमीन के इस्तेमाल के बदले दी गई है।
HURL का वित्त वर्ष 2024-25 में शुद्ध मुनाफा 1.38 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 1.32 लाख करोड़ रुपये था। उर्वरक विभाग (DoF) ने अक्टूबर 2022 में प्रमुख प्रमोटर्स (lead promoters) को HURL में विनिवेश की संभावना तलाशने का निर्देश दिया था। इस दिशा में IOCL, NTPC और CIL ने विनिवेश के लिए अपने बोर्ड और संबंधित मंत्रालयों से मंजूरी प्राप्त कर ली है।
इन 2 कंपनियों की लिस्टिंग की भी तैयारी
HURL के साथ-साथ, इस मोनेटाइजेशन प्लान में NTPC की सहायक कंपनियों- THDC इंडिया लिमिटेड और नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) की लिस्टिंग भी शामिल है। अधिकारी के मुताबिक, इन दोनों में से किसी एक के वित्त वर्ष 2027 में HURL के साथ लिस्ट होने की उम्मीद है। THDCIL, NTPC और उत्तर प्रदेश सरकार का एक जॉइंट वेंचर है। यह कंपनी उत्तराखंड में टिहरी, कोटेश्वर और विष्णुगाड पिपलकोटी सहित बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स चलाती है। साथ ही दूसरे राज्यों में रिन्यूएबल और थर्मल एसेट्स भी संभालती है। कंपनी की अभी 4.35 GW की ऑपरेशनल जेनरेशन कैपेसिटी है। कंपनी में NTPC की 74.49 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की करीब 25.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
NEEPCO की ऑपरेशनल जेनरेशन कैपेसिटी 2.05 GW है, जिसके तहत भारत के उत्तर-पूर्वी इलाके में 6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स, 3 थर्मल प्लांट और एक सोलर पावर स्टेशन हैं। NTPC ने मार्च 2020 में THDC और NEEPCO में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 11,500 करोड़ रुपये में खरीदी थी। प्रस्तावित लिस्टिंग के लिए डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) से मंजूरी लेनी होगी।
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