Hyundai IPO: क्या आप ह्यूंडई मोटर के आईपीओ में निवेश करेंगे? जानिए इस इश्यू को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स की राय

ह्युंडई मोटर इंडिया (एचएमआईएल) का आईपीओ 25000 करोड़ रुपये का हो सकता है। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि एचएमआईएल की कोरियाई पेरेंट कंपनी और प्रमोटर इस इश्यू के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे

अपडेटेड Jun 18, 2024 पर 9:29 PM
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ह्युंडई इंडिया में कार बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

ह्युंडई मोटर इंडिया (एचएमआईएल) जल्द आईपीओ पेश करने वाली है। यह इंडिया में कार बनाने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। हाल में कंपनी ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया है। इसके मुताबिक एचएमआईएल की पेरेंट कंपनी ह्युंडई मोटर कंपनी और प्रमोटर एचएमआईएल में 17.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। यह इश्यू ऑफर फॉर सेल होगा। यह इश्यू 25,000 करोड़ रुपये का होगा। इस इश्यू से इंडियन मार्केट में कंपनी की वैल्यू अनलॉक होगी। खबरों के मुताबिक ह्युंडई मोटर कंपनी (एचएमसी) ने 1990 के दशक के आखिर से अब तक इंडियन मार्केट में करीब करोड़ों डॉलर का निवेश किया है।

ह्युंडई मोटर का रेवेन्यू 59,761 करोड़ रुपये

HMIL के FY23 के फाइनेंशियल डेटा बताते हैं कि कंपनी का बिजनेस प्रॉफिट में है। इसका रेवेन्यू 59,761 करोड़ रुपये है। इसका नेटवर्थ 19,778 करोड़ रुपये है। एचएमआईएल की लिस्टिंग से इसकी कोरियाई पेरेंट कंपनी HMC की वैल्यूएशन में भी इजाफा होने की उम्मीद है। अभी इसके स्टॉक्स में ग्लोबल और एशियाई ऑटो कंपनियों के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहा है। एशियाई ऑटो कंपनियों में Toyota पहले पायदान पर है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 267 अरब डॉलर है। HMC की वैल्यूएशन 50 अरब डॉलर है। M&M, Tata Motors और Maruti Suzuki का मार्केट कैपिटलाइजेशन एचएमसी के करीब है।


ह्युंडई के इंडियन बिजनेस की ग्रोथ दुनिया में सबसे तेज

ह्युडंई के इंडियन बिजनेस की ग्रोथ दूसरे देशों में इसकी सब्सिडियरी के मुकाबले तेज है। इंडिया न सिर्फ दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी है बल्कि यह चीन और अमेरिका के बाद दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी कार मार्केट है। 2024 की पहली तिमाही में एचएमआईएल की इंडिया सेल्स की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 11.5 फीसदी रही है। कंपनी के चेन्नई में दो प्लांट्स हैं। इनकी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन करीब 94 फीसदी है।

CUV मार्केट में एक तिहाई बाजार हिस्सेदारी

कोरियाई पेरेंट कंपनी एचएमआईएल को एक्सपोर्ट का बड़ा हब बनाना चाहती है। एचएमआईएल ने मार्केट के बदलते ट्रेंड के हिसाब से अपनी स्ट्रेटेजी बदली है। कॉम्पैक्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (CUV) सेगमेंट में इसकी करीब एक-तिहाई बाजार हिस्सेदारी है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मामले में भी यह ज्यादातर प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से आगे है। खबरों में बताया गया है कि कंपनी इंडिया में चार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लॉन्च करने वाली है।

दमदार ऑटो कंपनी में निवेश का अच्छा मौका

मारुति सुजुकी (MSIL) मुख्य रूप से एक पैसेंजर व्हीकल्स कंपनी है। ऐसे में एचएमआईएल का इश्यू निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका होगा। दो और लिस्टेड ऑटो कंपनियों में Tata Motors और M&M के दूसरे बिजनेसेज भी हैं। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही है। इसका नेट प्रॉफिट 4,654 करोड़ रुपये रहा है। कैश फ्लो अच्छा है, जिससे कंपनी को प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केटिंग और सेल्स इनिशिएटिव में निवेश करने में दिक्कत नहीं होगी।

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ईपीएस में करनी पड़ेगी इम्प्रूवमेंट

एचएमआईएल को प्रति शेयर अर्निंग्स (EPS) में इम्प्रूवमेंट की कोशिश करनी पड़ेगी। इंडियन मार्केट में कई ऑटो कंपनियों की ईपीएस एचएमआईएल से बेहतर है। डीआरएचपी के मुताबिक, एचएमआईएल की ईपीएस FY23 में 57.96 रुपये थी। इसके मुकाबले मारुति सुजुकी की ईपीएस 271.82 रुपये थी। टाटा मोटर्स की 6.3 रुपये और M&M की 91.6 रुपये थी।

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