आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी का आईपीओ 16 दिसंबर को बंद हो जाएगा। 15 दिसंबर को शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम बढ़कर 14 फीसदी हो गया। यह आईपीओ अब तक दोगुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ है। अभी इस एमएमसी में आईसीआईसीआई बैंक की 51 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि ब्रिटेन की प्रूडेंशियल की बाकी 49 फीसदी हिस्सेदारी है।
आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल
ICICI Prudential AMC ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर 2,061-2,165 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.07 लाख करोड़ रुपये है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि कंपनी इस आईपीओ में नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। प्रूडेंशियल कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी।
प्रूडेंशियल 10% फीसदी हिस्सेदारी बेच रही
हेम सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्था जैन ने कहा, "इस आईपीओ में इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिए इनवेस्ट कर सकते हैं।" यह इस साल का चौथा सबसे बड़ा आईपीओ है। इस आईपीओ में प्रूडेंशियल अपनी 10 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। आईपीओ से पहले उसने अपनी 4.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी।
कंपनी के पास 135 से ज्यादा स्कीमें
ब्रोकरेज फर्म बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी ने कहा कि आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी डायवर्सिफायड है। कंपनी के पास 135 से ज्यादा स्कीमें हैं। इस एमएमसी का बेहतर रिटर्न का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। पिछले चार सालों में रेवेन्यू की सीएजीआर 24 फीसदी रही है, जो दूसरी एएमसी के मुकाबले ज्यादा है। FY25 में टैक्स के बाद प्रॉफिट 26.5 अरब रुपये रहा। रिटर्न ऑन इक्विटी 82.8 फीसदी है। कंपनी की मजबूत स्थिति को देखते हुए शेयर की कीमत ज्यादा नहीं लगती है।
19 दिसंबर को हो सकती है शेयरों की लिस्टिंग
अभी एचडीएफसी एएमसी, यूटीआई एएमसी, आदित्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी, श्रीराम एएमसी और निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इस आईपीओ में शेयरों का एलॉटमेंट 17 दिसंबर को होने की संभावना है। स्टॉक मार्केट में शेयर 19 दिसंबर को लिस्ट हो सकते हैं।
क्या आपको निवेश करना चाहिए?
आईसीआईसीआई प्रू एएमसी की वैल्यूएशन पी/ई मल्टीपल के लिहाज से एचडीएफसी एएमसी के मुकाबले 13-15 फीसदी कम है। आईसीसीआईसी प्रू की प्रॉफिट कमाने की क्षमता भी बेहतर है। FY25 में आईसीआईसीआई प्रू एएमसी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट बिफोर टैक्स (OPT) 3,236 करोड़ रुपये था। यह एचडीएफसी एएमसी के मुकाबले 19 फीसदी ज्यादा है। इनवेस्टर्स लंबी अवधि के साथ ही लिस्टिंग गेंस के लिए इस इश्यू में निवेश कर सकते है।