IPO Listing: 13 अप्रैल से शुरू हो रहे अगले कारोबारी हफ्ते के पहले ही दिन दो स्टॉक्स- सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज (Safety Controls & Devices) और एमियाक टेक्नोलॉजीज (Emiac Technologies) की लिस्टिंग है। इन दोनों के शेयरों की बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी। ग्रे मार्केट में बात करें तो इन दोनों शेयरों को लेकर कोई हलचल नहीं है लेकिन मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और लिस्टिंग के दिन मार्केट का हाल शेयरों की चाल तय करता है। इन दोनों ही आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं जिसमें से सेफ्टी कंट्रोल्स के आईपीओ में तो खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा पूरा भर भी नहीं पाया था।
Safety Controls & Devices IPO
सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज के ₹48 करोड़ के आईपीओ को ओवरऑल 1.28 गुना बोली मिली थी जिसमें से खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो महज 76% ही भर पाया। यह इश्यू 6-8 अप्रैल तक पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसके तहत ₹80 के भाव पर ₹10 की फेस वैल्यू वाले 60 लाख शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹6 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹31.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
कंपनी की बात करें तो EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) पर काम करने वाली सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज की वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹43 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.01 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹8.99 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना करीब 45% चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹103.50 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-जनवरी में कंपनी को ₹8.52 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹68.51 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹39.18 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹40.64 करोड़ पड़े थे।
एमियाक टेक का ₹32 करोड़ के आईपीओ को ओवरऑल 3.22 गुना बोली मिली थी। यह इश्यू 27 मार्च से 8 अप्रैल तक पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसके तहत ₹98 के भाव पर ₹10 की फेस वैल्यू वाले 32.40 लाख शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5.72 करोड़ कंप्यूटर-लैपटॉप और इनसे जुड़ी अन्य चीजों की खरीदारी, ₹8.80 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों, ₹5.42 करोड़ हायरिंग, ₹3.90 करोड़ ब्रांडिंग और मार्केटिंग, और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
कंपनी की बात करें तो एआई के जरिए यह ब्रांड्स को स्मार्ट डिजिटल मार्केटिंग सॉल्यूशंस मुहैया कराती है। इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹39 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹84 लाख और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.22 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना करीब 161% चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹20.06 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹4.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹14.49 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.30 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹4.57 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।