Infollion Research IPO: सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स मुहैया कराने वाली दिग्गज कंपनी इनफोलियन रिसर्च सर्विसेज का 21 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। यह आईपीओ स्मॉल कैप कंपनी का है और इश्यू की सफलता के बाद इसके शेयर एनएसई-एसएमई पर लिस्ट होंगे। यह इश्यू नए शेयरों और ऑफर फॉर सेल का मिला-जुला है। ग्रे मार्केट की बात करें तो इसके शेयर मजबूत दिख रहे हैं। यह 58 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहा है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
Infollion Research IPO की डिटेल्स
इनफोलियन रिसर्च का 21 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 मई तक खुला रहेगा। इसके जरिए 22.24 लाख नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। वहीं 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 3.92 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बिक्री होगी। इस इश्यू के लिए 80-82 रुपये का प्राइस बैंड और 1600 शेयरों का लॉट साइज फिक्स किया गया है। इस इश्यू के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 5 जून को फाइनल होगा और मार्केट में एंट्री 8 जून को होगी। इस आईपीओ के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी अमेरिका और पश्चिमी यूरोपीय देशों में मौजूदा सर्विस लाइन के विस्तार, फ्रीलांसर की नई कैटेगरी पैक्स पैनल को शुरू करने, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
इनफोलियन रिसर्च सर्विसेज एक बी2बी मार्केटप्लेस है। यह बी2बी ह्यूमन क्लाउड सेगमेंट में काम करती है और डिमांड के मुताबिक यह विषयों के विशेषज्ञ मुहैया कराती है। इसके क्लाइंट्स बड़ी-बड़ी ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म्स, प्राइवेट इक्विटी फंड्स, हेज फंड्स और मिड-टियर कॉरपोरेट्स शामिल हैं। इसके कॉम्पटीटर्स की बात करें तो इसे बाकी एक्सपर्ट नेटवर्क और फ्रीलांसिंग नेटवर्क से सीधे टक्कर मिल रही है जबकि स्टाफिंग फर्म्स से अप्रत्यक्ष रूप से चुनौती मिल रही है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो इसकी कारोबारी सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 में इसे 2.08 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ था। अगले ही वित्त वर्ष 2022 में यह बढ़कर 3.41 करोड़ रुपये और फिर अगले वित्त वर्ष 5.58 करोड़ रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था। वहीं रेवेन्यू की बात करें तो इसे 2020-21 में 16.06 करोड़ रुपये, 2021-22 में 22.20 करोड़ रुपये और 2022-23 में 35.30 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।