Get App

IPO news: सरकार ने मेगा IPOs को आसान बनाने के लिए पब्लिक शेयर होल्डिंग के नियमों में दी ढील

IPO news:संशोधित ढांचे के तहत कंपनी के पोस्ट ऑफर कैपिटल के आकार पर आधारित एक स्तरीय ढ़ांचा पेश किया जाएगा,जिसकी गणना ऑफर प्राइस के आधार पर की जाएगी

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 14, 2026 पर 5:41 AM
IPO news: सरकार ने मेगा IPOs को आसान बनाने के लिए पब्लिक शेयर होल्डिंग के नियमों में दी ढील
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित पब्लिक शेयरहोल्डिंग हासिल करने की समय-सीमा उन कंपनियों के लिए उपलब्ध होगी,जो संशोधन शुरू होने से पहले सूचीबद्ध थीं

IPO news: केंद्र सरकार ने स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने की योजना बना रही बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयर होल्डिंग(minimum public shareholding) से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत एक श्रेणीबद्ध ढांचा पेश किया गया है,जो बड़ी कंपनियों को उनके IPO ऑफर के समय जनता के लिए शेयरों का एक छोटा हिस्सा पेश करने की सुविधा देता है।

ये बदलाव शुक्रवार को वित्त मंत्रालय द्वारा 'सिक्योरिटीज़ कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एक्ट, 1956' के तहत जारी 'सिक्योरिटीज़ कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) अमेंडमेंट रूल्स, 2026' के ज़रिए नोटिफ़ाई किए गए हैं। यह संशोधन 'सिक्योरिटीज़ कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स (SCRR), 1957' के नियम 19(2)(b) में बदलाव करता है। इस नियम के तहत यह होता है कि मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग के समय कंपनियों को जनता के लिए कम-से-कम कितने शेयर ऑफ़र करने होंगे।

संशोधित फ्रेमवर्क में एक अलग-अलग स्तरों पर आधारित संरचना पेश की गई है,जो ऑफ़र प्राइस पर अधारित कंपनी की 'पोस्ट ऑफर कैपिटल'के आकार पर आधारित है। इसका उद्देश्य बड़ी कंपनियों के लिए पब्लिक के बीच आना आसान बनाना और साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि पब्लिक शेयरहोल्डिंग अंततः बढ़कर 25 प्रतिशत के तय स्तर तक पहुंच जाए।

1,600 करोड़ रुपये तक पोस्ट इश्यू कैपिटल वाली कंपनियों के लिए नियम

सब समाचार

+ और भी पढ़ें