LIC IPO: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC (Life Insurance Corporation of India) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को लेकर उसके पॉलिसीहोल्डर्स में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। LIC की वेबसाइट पर अभी तक 60-70 लाख लोग अपना पैन (PAN) नंबर अपडेट कर चुके हैं। LIC के चेयरमैन एमआर कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी। पॉलिसीहोल्डर्स कोटे के तहत आईपीओ आवेदन के लिए पैन नंबर अपडेट कराना एक अनिवार्य प्रक्रिया है।
LIC अपने IPO को सफल बनाने के लिए उन पॉलिसीधारकों की भी सहायता कर रही है जिनके पास डीमैट खाते नहीं हैं। कुमार ने बताया, "IPO को लेकर पॉलिसीहोल्डर्स के बीच काफी दिलचस्पी पैदा हुई है। पॉलिसीधारकों को पैन नंबर लिंक करने में मदद करने के लिए हम अपने सभी ऑफिसों में उनकी मदद कर रहे हैं। जिन पॉलिसीधारकों के पास डीमैट खाते नहीं हैं, उनके लिए हमने NSDL और CDSL से भी हमारी मदद करने का अनुरोध किया है (क्योंकि एलआईसी इसे सीधे नहीं कर सकता है)।"
LIC के आईपीओ में 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा सकता है। LIC द्वारा सेबी (SEBI) के पास फाइल किए गए डीआरएचपी (DRHP) के मुताबिक, एक पॉलिसीहोल्डर 28 फरवरी, 2022 तक अपना पैन (PAN) अपडेट नहीं कराता है तो वह उसके IPO में भाग लेने के लिए हकदार नहीं होगा।
सरकार नहीं, बोर्ड लेता है फैसला
कंपनी पर सरकार नियंत्रण के बारे में उन्होंने कहा कि संभावित निवेशकों को आईपीओ के बाद इस पर सरकारी कंट्रोल के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि देश की इस सबसे बड़ी बीमा कंपनी में फैसले सरकार नहीं बल्कि उसका बोर्ड लेता है। आईपीओ के बाद भी कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 95 फीसदी रहेगी।
एलआईसी के आईपीओ को मार्च के पहले हफ्ते में सेबी की मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। कंपनी ने पिछले हफ्ते ड्रॉफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस सेबी को भेजा था। कंपनी आईपीओ में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। इससे सरकार करीब 8 अरब डॉलर जुटाएगी। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। कंपनी पॉलिसीहोल्डर्स और कर्मचारियों के लिए आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा रिजर्व रखेगी।