LIC IPO में इनवेस्ट करने से पहले मार्केट के दिग्गजों की राय तो जान लीजिए

एलआईसी की स्थापना 1 सितंबर, 1956 को हुई थी। इसके लिए 245 प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया गया। फिर इन्हें मर्ज किया गया। इसकी शुरुआती कैपिटल 5 करोड़ थी। स्थापना से लेकर साल 2000 तक यह देश की एकमात्र लाइफ इंश्योरेंस कंपनी थी

अपडेटेड May 02, 2022 पर 6:37 AM
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दुनिया में GWP के पैमाने पर LIC पांचवें पायदान पर है। टोटल एसेट्स के लिहाज से यह दुनिया में 10वें नंबर पर है।

LIC के आईपीओ के ओपन में बहुत कम दिन बचे हैं। यह इश्यू 4 मई को खुलेगा। आप इसमें 9 मई तक इनवेस्ट कर सकते हैं। इस इश्यू को लेकर इनवेस्टर्स खासकर नए निवेशकों में उत्साह है। चूंकि, एलआईसी का ब्रांड बहुत स्ट्रॉन्ग है, इसलिए इनवेस्टर्स इस आईपीओ में बोली लगाना चाहते हैं। लेकिन, सिर्फ किसी ब्रांड का मजबूत होना पर्याप्त नहीं है। अगर आप किसी कंपनी में इनवेस्ट करते हैं तो आपको फ्यूचर में उसके बिजनेस के परफॉर्मेंस के बारे में जान लेना जरूरी है। हम आपको कुछ दिग्गज एनालिस्ट्स की इस आईपीओ पर राय के बारे में बता रहे हैं।

आनंद राठी ने कहा है कि LIC 65 साल से इंडिया के लोगों को लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स प्रोवाइड करा रही है। यह देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। प्रीमियम (GWP) के लिहाज से इसकी बाजार हिस्सेदारी 61.6 फीसदी है। न्यू बिजनेस प्रीमियम के लिहाज से इसका मार्केट शेयर 61.4 फीसदी है। जारी की गई इंडिविजुअल पॉलिसीज के मामले में इसका मार्केट शेयर 71.8 फीसदी है।

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एलआईसी की स्थापना 1 सितंबर, 1956 को हुई थी। इसके लिए 245 प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया गया। फिर इन्हें मर्ज किया गया। इसकी शुरुआती कैपिटल 5 करोड़ थी। स्थापना से लेकर साल 2000 तक यह देश की एकमात्र लाइफ इंश्योरेंस कंपनी थी।

प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एलआईसी के आईपीओ की वैल्यू इसकी इम्बेडेड वैल्यू की 1.11 गुना है। इसकी वैल्यूएशन 6 लाख करोड़ रुपये है, जो प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के मुकाबले कम है। इनवेस्टर्स के लिए एलआईसी का आईपीओ अट्रैक्टिव लगता है। एलआईसी ने सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया है। इसका प्रोडक्ट पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड है। फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। इन वजहों से आनंद राठी ने इस शेयर को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

अरिहंत कैपिटल ने कहा है कि एलआईसी के आईपीओ के जरिए सरकार 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। GWP, NBP और इंडिविजुअल पॉलिसी की बिक्री के लिहाज से एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है। इसका मार्केट शेयर 61.4 फीसदी है, जबकि इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी का मार्केट शेयर 9.16 फीसदी है। एलाईसी के पोर्टफोलियो में सभी तरह के प्रोडक्ट्स हैं।

दुनिया में GWP के पैमाने पर LIC पांचवें पायदान पर है। टोटल एसेट्स के लिहाज से यह दुनिया में 10वें नंबर पर है। 31 दिसंबर, 2021 तक इसके 2,048 ब्रांच ऑफिसेज और 1,559 सैटेलाइट ऑफिसेज थे। इसके नेटवर्क के तहत देश के 91 फीसदी जिले आते हैं। अहिरंत ने कहा है कि इनवेस्टर्स एलआईसी के बेहतर फ्यूचर को ध्यान में रख इस इश्यू में इनवेस्ट कर सकते हैं।

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