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LIC IPO: कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के इस दौर में क्या LIC के इश्यू में निवेश करना चाहिए?

एलआईसी नए बिजनेसेज के लिए एजेंट्स पर बहुत ज्यादा डिपेंड करती है। अभी देशभर में एलआईसी के 12 लाख से ज्यादा एजेट्स हैं। कंपनी का करीब 94 फीसदी नया प्रीमियम एजेंट् के जरिए आता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 28, 2022 पर 10:55 PM
LIC IPO: कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के इस दौर में क्या LIC के इश्यू में निवेश करना चाहिए?
एलआईसी की ब्रान्ड वैल्यू को देखते हुए इसके आईपीओ की सफलता को लेकर कोई संदेह नहीं है। यह आईपीओ ओवरसब्सक्रिप्शन के मामले में भी रिकॉर्ड बना सकता है।

LIC का आईपीओ (LIC IPO) अगले महीने आएगा। यह इश्यू 60,000 से 90,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। इससे पहले पेटीएम (Paytm) का 18,000 करोड़ रुपये का देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था। लिस्टिंग के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों के क्लब में शामिल हो जाएगी। अभी मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी है। टीसीएस दूसरे पायदान पर है।

एलआईसी के आईपीओ को लेकर बहुत हलचल है। मीडिया में दिनरात इस इश्यू की चर्चा है। उधर, एलआईसी खुद अखबारों सहित हर मीडिया में इसके खूब विज्ञापन दे रही है। वह अपने पॉलिसीहोल्डर्स को इस इश्यू के बारे में जरूरी बातें बता रही है। वह यह भी बता रही है कि इस इश्यू में इनवेस्ट करने के लिए उन्हें क्या करना होगा। कई बड़े इश्यू इनवेस्टर्स की उम्मीदें पूरी करने में नाकाम रहे हैं। पेटीएम का आईपीओ इसका उदाहरण है। लिस्टिंग के बाद से पेटीएम के शेयर का भाव गिरकर करीब आधा रह गया था। इसलिए एलआईसी के इश्यू में इनवेस्ट करने से पहले आपको अच्छी तरह से सोचविचार कर लेना चाहिए। आइए एलआईसी के बारे में कुछ बातें जानते हैं, जो आईपीओ में इनवेस्टमें का फैसला लेने में आपकी हेल्प कर सकती हैं।

एलआईसी पर सरकार का नियंत्रण

आईपीओ के बाद भी एलआईसी पर सरकार का नियंत्रण बना रहेगा। कई बार एलआईसी को सरकारी कंपनियों के आईपीओ या इश्यू को नाकाम होने से बचाने के लिए आगे आना पड़ा है। इसका बड़ा कैश रिजर्व सरकारी बैंकों की आर्थिक मदद के लिए भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। आईडीबीआई के प्राइवेटाइजेशन के लिए सरकार को एलआईसी की मदद लेनी पड़ी थी। सरकार अगर एलआईसी का ऐसा इस्तेमाल आगे जारी रखती है तो उसका शेयरहोल्डर्स के इंट्रेस्ट पर खराब असर पड़ेगा।

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