LIC IPO: सरकार घटा सकती है LIC की वैल्यूएशन, जानिए क्या है वजह

सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के मुताबिक, सरकार LIC के IPO के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) सेबी को भेज सकती है। सेबी को जो पहले डीआरएचपी भेजा गया था, उसके मुताबिक सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है

अपडेटेड Apr 13, 2022 पर 9:46 AM
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LIC अपने पॉलिसीहोल्डर्स को भी इस इश्यू में इनवेस्ट करने का खास मौका देगी। उनके लिए 10 फीसदी शेयर रिजर्व रखे जाएंगे।

सरकार भारतीय जीवन बीमा कंपनी (LIC) की वैल्यूएशन घटाने जा रही है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की वैल्यूएशन (Valuation of LIC) करीब 30 फीसदी तक घटाई जा सकती है। इनवेस्टर्स के बीच एलआईसी के आईपीओ (LIC IPO) का अट्रैक्शन बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। यूक्रेन पर रूस के हमले का असर स्टॉक मार्केट पर पड़ा है। मार्केट में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

अब कितनी वैल्यूएशन की उम्मीद?

सरकार अब LIC की वैल्यूएशन करीब 11 लाख करोड़ रुपये चाहती है। पहले उसने इस कंपनी की वैल्यूएशन 16 लाख करोड़ रुपये तय करने का प्लान बनाया था। अंग्रेजी बिजनेस न्यूज वेबसाइट मिंट ने यह खबर दी है। मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से मिंट ने यह खबर दी है। वैल्यूएशन घटने के बावजूद यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।


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मार्च में क्यों नहीं आया LIC का आईपीओ?

सरकार ने पहले मार्च में LIC का आईपीओ पेश करने का प्लान बनाया था। लेकिन, 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले शुरू होने के बाद स्टॉक एक्सचेंज में बड़ी गिरावट आ गई। उसके बाद से मार्केट चढ़ता-उतरता रहा है। इधर, इंट्रेस्ट रेट बढ़ने के अनुमान से भी मार्केट में थोड़ी चिंता है। अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। इंडिया में भी इस साल की दूसरी छमाही में इंट्रेस्ट रेट बढ़ सकता है। इससे कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना महंगा हो जाएगा।

सरकार क्यों घटा रही है वैल्यूएशन?

सरकार LIC के आईपीओ को कामयाब बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार के वैल्यूएशन घटाने से यह इश्यू इनवेस्टर्स के लिए अट्रैक्टिव हो जाएगा। इससे आईपीओ में पैसा लगाने वाले इनवेस्टर्स के लिए लिस्टिंग गेंस की संभावना भी बढ़ जाएगी। सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के मुताबिक, सरकार LIC के IPO के लिए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) सेबी को भेज सकती है। सेबी को जो पहले डीआरएचपी भेजा गया था, उसके मुताबिक सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है।

क्या यह सबसे बड़ा आईपीओ होगा?

एलआईसी का आईपीओ कई मायनों में खास होगा। इसलिए इसका काफी इंतजार हो रहा है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध होने के बाद यह देश की सबसे बड़ी कंपनियों के क्लब में शामिल हो जाएगी। इसका मुकाबला रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस से होगा। अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी है। TCS दूसरे नंबर पर है। हालांकि, एचडीएफसी के विलय के बाद एचडीएफसी बैंक भी देश की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा।

कब आएगा यह आईपीओ?

सरकार मई तक एलआईसी का आईपीओ पेश कर सकती है। सरकार इस इश्यू के जरिए एलआईसी के 31.6 करोड़ शेयर (5 फीसदी हिस्सेदारी) बेचेगी, जिससे उसे करीब 63,000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। यह इश्यू मार्च में आने वाला था। लेकिन, 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। इसके बाद सरकार ने इस इश्यू को टालने का फैसला किया।

क्या पॉलिसीहोल्डर्स के शेयर रिजर्व होंगे?

इस इश्यू का एक हिस्सा एंकर इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होगा। कंपनी अपने पॉलिसीहोल्डर्स को भी इस इश्यू में इनवेस्ट करने का खास मौका देगी। उनके लिए 10 फीसदी शेयर रिजर्व रखे जाएंगे। अगर सरकार नया डीआरएचपी सेबी को नहीं भेजती है तो उसे 12 मई तक आईपीओ पेश करना होगा।

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