IPO News: भारत में इस साल कंपनियों ने मेनबोर्ड के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPOs) से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई है। शेयर बाजार के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है। इस साल अब तक कुल 70 IPO लॉन्च किए जा चुके हैं, जो 2007 के बाद किसी एक साल में आया सबसे अधिक IPO है। इन IPO से जुटाई गई कुल राशि 1.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। वहीं 2007 में कुल 100 आईपीओ लॉन्च हुए थे और उन्होंने तब कुल 34,179 करोड़ रुपये जुटाए थे।
साल 2021 में, 63 कंपनियों ने IPO के जरिए 1.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई थी। यह किसी एक साल में आईपीओ के जरिए जुटाई गई सबसे अधिक रकम है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रिकॉर्ड इसी साल टूट सकता है। इस साल के खत्म होने में अभी 2 महीने से अधिक समय बचा है और इस दौरान स्विगी, NSDL, NTPC ग्रीन एनर्जी जैसे कई बड़े IPO के लॉन्च होने की उम्मीद की जा रही है।
स्विगी नवंबर में अपना IPO लॉन्च कर सकती है और लगभग 11,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके अलावा ACME सोलर होल्डिंग्स लिमिटेड (3,000 करोड़ रुपये), NSDL (4,500 करोड़ रुपये), असीरवाड माइक्रो फाइनेंस (1,500 करोड़ रुपये), NTPC ग्रीन एनर्जी (10,000 करोड़ रुपये), वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड (700 करोड़ रुपये) जैसे बड़े IPO भी बाजार में आने वाले हैं।
Fisdom के रिसर्च हेड, निरव करकेरा ने कहा, "प्राइमरी मार्केट की पाइपलाइन मजबूत दिख रही है। अगले कुछ तिमाहियों में कई प्रमुख IPO बाजार में आ कर सकते हैं। कई कंपनियों के आईपीओ में OFS (ऑफर फॉर सेल) का साइज अधिक हो सकता है क्योंकि वे इसके जरिए अपने कुछ निवेशकों को बाहर निकलने का मौका दे सकती है।"
जुलाई से IPO और QIP (क्वालिफाइड इंस्टिट्यूशनल प्लेसमेंट) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में भारी निवेश हुआ है, जिससे 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटाई गई है। पिछले तीन महीनों में IPO के जरिए 65,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई। इसमें सबसे बड़ा IPO हुंडई मोटर लिमिटेड का था, जिसने 27,000 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए।
IPO गतिविधियों में उछाल के कारण
एनालिस्ट्स के मुताबिक, IPO गतिविधियों में तेजी के पीछे 3 प्रमुख कारण हैं। पहला, बाजार में अधिक लिक्विडिटी के कारण छोटे और कम लिक्विड वाले SME शेयरों में निवेशकों की ओर से तेजी से निवेश किया जा रहा है। दूसरा, आईपीओ को तत्काल लिस्टिंग गेन कमाने के मौके के रूप में देखा जा रहा है और लोग "फियर ऑफ मिसिंग आउट" (FOMO) के असर में पैसा लगा रहे हैं। तीसरा, रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने भी इस ट्रेंड को और बढ़ावा दिया है।
मेनबोर्ड IPO के जरिए किस साल कितनी रकम जुटाई गई, इसे आप नीचे दिए गए चार्ट में देख सकते हैं-
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