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NSE IPO: लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी रहेगी?

NSE का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को ओपन होगा। कंपनी ने 1,700-1,785 का प्राइस बैंड तय किया है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.41 लाख करोड़ रुपये का होगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 12, 2026 पर 2:08 PM
NSE IPO: लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी रहेगी?
एनएसई के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे, लेकिन एक्सचेंज के कई दूसरे सूचकांकों में ये धीरे-धीरे शामिल होंगे।

एनएसई के आईपीओ से पर्दा उठ चुका है। इस महीने के आखिर में एक्सचेंज के शेयर लिस्ट हो जाएंगे। मार्केट में एनएसई के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। चूंकि एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जिससे इसके शेयरों पर करीबी नजर है। सवाल है कि लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी होगी?

4 लाख करोड़ के एम-कैप के हिसाब से शेयर की सप्लाई कम

सीएनबीसी-टीवी18 के साथ शेयर किए गए एक वीडियो एनालिसिस में Fident Asset Management के फाउंडर और सीआईओ की तरफ से कई अहम बाते बताई गई हैं। कहा गया है कि अगर 50 फीसदी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स भी लिस्टिंग के दिन एग्जिट करते हैं तो सप्लाई का डेटा टोटल कैपिटल बेस का करीब 2.75 फीसदी रहेगा। यह करीब 14,000 करोड़ रुपये का होगा, जो 4.41 लाख के मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से काफी कम संख्या है।

शेयरों से एग्जिट करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है

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