Sai Parenteral's IPO: 24 मार्च को खुलेगा ₹409 करोड़ का इश्यू, किस भाव पर लगा सकेंगे पैसा?

Sai Parenteral's IPO के लिए अरिहंत कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा QIB के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है

अपडेटेड Mar 21, 2026 पर 4:06 PM
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Sai Parenteral's एक डायवर्सिफाइड फार्मास्यूटिकल फॉर्म्यूलेशंस कंपनी है।

मेनबोर्ड सेगमेंट में साई पैरेंटरल्स का ₹408.79 करोड़ का IPO 24 मार्च को खुलने जा रहा है। इसके लिए प्राइस बैंड ₹372-₹392 प्रति शेयर है। लॉट साइज 38 शेयर रखा गया है। एंकर निवेशक 23 मार्च को बोली लगा सकेंगे। इस पब्लिक इश्यू में ₹285 करोड़ के 73 लाख नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹123.79 करोड़ के 32 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। इश्यू की क्लोजिंग 27 मार्च को होगी। इसके बाद अलॉटमेंट 30 मार्च को फाइनल होगा। शेयर BSE, NSE पर 2 अप्रैल को लिस्ट हो सकते हैं।

OFS में Vikasa India EIF I Fund, तिलोकचंद पूनमचंद ओस्तवाल, देवेंद्र चावला, आशीष माहेश्वरी, पद्मा गुंटुपल्ली, भौतिक मुकुंद शाह और नीलेश प्रवीणचंद्र दोशी सहित कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। साई पैरेंटरल्स एक डायवर्सिफाइड फार्मास्यूटिकल फॉर्म्यूलेशंस कंपनी है। इसकी रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग में विशेषज्ञता है।

किस तरह के प्रोडक्ट बनाती है कंपनी


कंपनी दो सेगमेंट में काम करती है- ब्रांडेड जेनेरिक फॉर्मूलेशंस, और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) प्रोडक्ट और सर्विसेज। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कई थेरेप्यूटिक एरिया शामिल हैं, जैसे कार्डियोवैस्कुलर, न्यूरोसाइकेट्री, एंटी-डायबिटिक, रे​सपिरेटेरी हेल्थ, एंटीबायोटिक्स, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, विटामिन, मिनरल्स और सप्लीमेंट (VMS), एनाल्जेसिक्स और डर्मेटोलॉजी।

इसके प्रोडक्ट कई तरह के डोज फॉर्म में उपलब्ध हैं, जैसे इंजेक्शन, टैबलेट, कैप्सूल, लिक्विड ओरल्स और ऑइंटमेंट। साई पैरेंटरल के ग्राहकों में भारत की केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियां, दवा कंपनियां, सरकारी और निजी अस्पताल, और सुपर स्टॉकिस्ट शामिल हैं। यह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व और अफ्रीका में एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी की भारत में 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 110.80 करोड़ रुपये का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की क्षमता बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने के लिए करेगी। 18.02 करोड़ रुपये नया रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर शुरू करने के लिए खर्च होंगे। 14.30 करोड़ रुपये से कुछ कर्ज चुकाया जाएगा। 33 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च होंगे। 35.64 करोड़ रुपये सब्सिडियरी Sai Parenterals Pte Limited (Singapore) में डाले जाएंगे। बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे।

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IPO का रिजर्व हिस्सा

Sai Parenteral's IPO के लिए अरिहंत कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान कंपनी की कुल इनकम 89.43 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 7.76 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 14.43 करोड़ रुपये और इनकम 163.74 करोड़ रुपये दर्ज की गई। साई पैरेंटरल्स के प्रमोटर अनिल कुमार करुसाला, विजिथा गोरेपति और करुसाला अरुणा हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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