सेबी ने 7 कंपनियों को आईपीओ पेश करने की इजाजत दे दी है। इनमें गौडियम आईवीएफ, रनवेल डेवलपर्स, ऑगमोंट एंटरप्राइजेज, सिल्वरटन इंडस्ट्री, सुप्रीत केमिकल्स, सीजे डार्कल लॉजिस्टिक्स और लालबाबा इंजीनियरिंग शामिल हैं। सेबी ने सिल्वरटन इंडस्ट्रीज और ऑगमोंट एंटरप्राइजेज के ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स पर 12 जनवरी को ऑब्जर्वेशन इश्यू किया। रेगुलेटर ने रनवेल डेवलपर्स और लालबाबा इंजीनियरिंग के ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स पर 13 जनवरी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।
सेबी की मंजूरी के बाद 1 साल में पेश करना होगा आईपीओ
सेबी ने सीजे डार्कल लॉजिस्टिक्स के ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स पर 14 जनवरी, गोडियम आईवीएफ पर 15 जनवरी और सुप्रीत केमिकल्स के ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स पर 16 जनवरी को ऑब्जर्वेशन इश्यू किया। ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स पर सेबी के ऑब्जर्वेशन इश्यू जारी करने का मतलब है कि रेगुलेटर ने आईपीओ को एप्रूवल दे दिया है। इसके बाद कंपनी को एक साल के अंदर आईपीओ लॉन्च करना होता है।
गौडियम आईवीएफ फर्टिलिटी एंड रीप्रोडक्टिव हेल्थ सर्विसेज देती है
गौडियम आईवीएफ एंड वुमैन हेल्थ ने सेबी के पास दोबारा ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्ट्स इश्यू किया था। कंपनी अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए आईपीओ के जरिए पैसे जुटाना चाहती है। कंपनी आईपीओ में 1.13 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी की फाउंडर डॉ मनिका खन्ना 94.94 लाख शेयर बेचेंगी। आईपीओ का साइज पहले की तरह 2.08 करोड़ शेयरों का होगा। गौडियम आईवीएफ दिल्ली की चेन है, जो फर्टिलिटी एंड रीप्रोडक्टिव हेल्थ सर्विसेज ऑफर करती है।
रनवेल डेवलपर्स का आईपीओ 1000 करोड़ रुपये का होगा
रनवेल डेवलपर्स मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी है। इसने सेबी के पास पिछले साल मार्च में आईपीओ से 1,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रिलिमनरी पेपर्स फाइल किए थे। इस आईपीओ में कंपनी सिर्फ नए शेयर जारी करेगी। इससे आने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने के लिए करेगी। ऑगमोंट एंटरप्राइजेज भी मुंबई की कंपनी है, जो गोल्ड और सिल्वर प्लेटफॉर्म ऑपरेट करती है। यह आईपीओ से 800 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
सिल्वरटन इंडस्ट्रीज स्पेशियलिटी पेपर और पेपर प्रोडक्ट्स बनाती है
सिल्वरटन इंडस्ट्रीज उत्तर प्रदेश की कंपनी है। यह ईको-फ्रेंडली स्पेशियलिटी पेपर और पेपर प्रोडक्ट्स बनाती है। इसने सेबी के पास जून 2025 में डीआरएचपी फाइल किया था। कंपनी आईपीओ से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार और कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी के आईपीओ में 300 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे, जबकि 3.22 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचे जाएंगे।
सुप्रीत केमिकल आईपीओ से 499 करोड़ रुपये जुटाएगी
गुजरात की स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी सुप्रीत केमिकल ने सितंबर 2025 में सेबी के पास आईपीओ के लिए पेपर्स फाइल किए थे। कंपनी आईपीओ से 499 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी करेगी। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं होगा।
लालबाबा इंजीनियरिंग का आईपीओ 1000 करोड़ रुपये का होगा
सी जे डार्कल के आईपीओ में 340 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू होगा, जबकि ओएफएस के तहत 54.31 लाख शेयर बेचे जाएंगे। लालबाबा इंजीनियरिंग आईपीओ से 1000 करोड़ रुपये जुटाएगी। इसमें कंपनी 630 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। 370 करोड़ रुपये का ओएफएस होगा।