स्टार हेल्थ ने अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (Star Health IPO) को लेकर एक अहम कदम उठाने जा रहा है। ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सब्सक्रिप्शन पीरियड में IPO को अच्छा रिस्पांस न मिलने के बाद स्टार हेल्थ ऑफर फॉर सेल में बेचे जाने वाले हिस्सा को कम करेगा। इश्यू 30 नवंबर को खुला और 2 दिसंबर को बंद हुआ था।
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी का IPO गुरुवार को सब्सक्रिप्शन बंद होने तक पूरी तरह से सब्सक्राइब नहीं हुआ था, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत में IPO की मांग कम हो सकती है।
इश्यू का सब्सक्रिप्शन पीरियड बढ़ाने के बावजूद, 427.37 मिलियन डॉलर की बोली हासिल करते हुए, IPO केवल 79% सब्सक्राइब किया गया था।
सूत्रों ने कहा, 'रिटेल और इंस्टीट्यूशनल पोर्शन पूरी तरह से सब्सक्राइब किया गया था, लेकिन HNI या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के मामले में ऐसा नहीं था। हमने HNI से धीमा रिस्पांस देखा और इसलिए लगभग 100 मिलियन डॉलर की कमी आई है। इसके चलते, OFS के साइज को अंडरसब्सक्राइब पोर्शन तक कम कर दिया जाएगा।'
हालांकि, स्टार हेल्थ ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स पोर्शन 1.03 गुना और रिटेल सेगमेंट 1.1 गुना पर पूरी तरह से सब्सक्राइब किए गए थे। हालांकि, Nykaa जैसे दूसरे IPO के मुकाबले इसे उतना अच्छा रिस्पांस नहीं मिला।
सूत्र ने कहा, "हमें अभी जो जनरल फीडबैक मिल रहे हैं, वो ये कि प्राइसिंग कुछ ज्यादा थी।" 2005 में शुरू हुए स्टार हेल्थ रिटेल हेल्थ, ग्रुप हेल्थ, पर्सनल एक्सीडेंट और ओवरसीज ट्रैवल इंश्योरेंस के लिए कवरेज ऑप्शन देता है।