टाटा म्यूचुअल फंड (Tata MF) ने हाउसिंग फंड लॉन्च किया है। यह इस कैटेगरी का तीसरा फंड है। इस फंड का मकसद घरों की बढ़ती मांग का फायदा उठाना है। यह फंड हाई रिटर्न के लिए हाउसिंग सेक्टर से जुड़े कई बिजनेसेज में निवेश करेगा।
टाटा म्यूचुअल फंड (Tata MF) ने हाउसिंग फंड लॉन्च किया है। यह इस कैटेगरी का तीसरा फंड है। इस फंड का मकसद घरों की बढ़ती मांग का फायदा उठाना है। यह फंड हाई रिटर्न के लिए हाउसिंग सेक्टर से जुड़े कई बिजनेसेज में निवेश करेगा।
टाटा का हाउसिंग फंड (Tata Housing Opportunities Fund) बिल्डिंग मेटेरियल से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में ज्यादा निवेश करेगा। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 अगस्त को खुल गया है। निफ्टी हाउसिंग इंडेक्स इस फंड का बेंचमार्क होगा। निफ्टी हाउसिंग इंडेक्स में 50 कंपनियों के शेयर शामिल हैं। इस फंड की नजरें घरों के लोअर प्राइसेज, लो होम लोन रेट, बढ़ते शहरीकरण, लो अनसोल्ड इनवेंट्री और नए प्रोजेक्ट लॉन्चेज पर है।
टाटा हाउसिंग अपॉर्चुनिटीज फंड (Tata Housing Opportunities Fund) के मैनेजर तेजस गुटका ने कहा कि निफ्टी हाउसिंग इंडेक्स में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा फोकस है। लेकिन, यह फंड हाउसिंग थीम से जुड़े कई तरह के सेक्टर में निवेश करेगा। उन्होंने कहा, "हम बिल्डिंग मेटेरियल सेक्टर पर ज्यादा फोकस करेंगे, जिसमें पोर्टफोलियो का 70 फीसदी तक निवेश किया जा सकता है।"
उन्होंने बताया कि यह फंड मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी निवेश करेगा। शुरुआती पोर्टफोलियो का करीब 40-50 फीसदी इनमें निवेश किया जा सकता है। इस मामले में इस फंड का एप्रोच अपने बेंचमार्क (Nifty Housing Index) से अलग होगा। इस बेंचमार्क में 88 फीसदी लार्जकैप कंपनियां शामिल हैं।
टाटा एमएफ का मानना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश करने से बाजार में तेजी के दौरान ज्यादा रिटर्न हासिल करने में मदद मिलेगी। बिल्डिंग मेटेरियल में पेंट्स, टाइल्स, सैनिटरीवेयर और सीमेंट कंपनियां शामिल होंगी। यह हाउसिंग फाइनेंस, कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स और बैंकों के शेयरों में भी इनवेस्ट करेगा।
एचडीएफसी हाउसिंग अपॉर्चुनिटीज फंड (HDFC Housing Opportunities Fund) हाउसिंग कैटेगरी का सबसे पुराना फंड है। यह दिसंबर 2017 में लॉन्च हुआ था। तब से इसने सालाना सिर्फ 5.6 फीसदी रिटर्न दिया है। इसे अट्रैक्टिव रिटर्न नहीं कहा जा सकता।
हालांकि, गुटका का कहना है कि टाटा का फंड बिल्डिंग मेटेरियल सहित कई तरह के सेक्टर में इनवेस्ट करेगा। उन्होंने कहा कि हाउसिंग सेक्टर में स्लोडाउन के बावजूद इन सेक्टर की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है कि इन बिजनेसेज में रिप्लेसमेंट डिमांड अच्छी रहती है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में रिटल एस्टेट का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। लेकिन, इन सेक्टर की सभी कंपनियों ने शानदार रिटर्न दिए हैं। इन बिजनेसेज का रेवेन्यू 12 से 15 फीसदी तक बढ़ा है।
टाटा के इस हाउसिंग फंड में सिर्फ ऐसे निवेशक इनवेस्ट कर सकते हैं, जिन्हें बाजार की अच्छी समझ है। उन्हें इस फंड में तब निवेश करना चाहिए, जब इसका ट्रैक रिकॉर्ड बन जाए। ऐसे निवेशक सही वक्त पर इस फंड से एग्जिट कर सकते हैं। बाकी निवेशकों के लिए डायवर्सिफायड इक्विटी फंड में निवेश करना ठीक रहेगा। ये भी हाउसिंग सहित कई तरह की थीम पर दांव लगाते हैं।
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