अपडेटर सर्विसेज लिमिटेड का IPO (Updater Services IPO) आज यानि 25 सितंबर से खुल गया। IPO के लिए प्राइस बैंड 280-300 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 640 करोड़ रुपये साइज वाला यह पब्लिक इश्यू 27 सितंबर को बंद होगा। IPO से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 288 करोड़ रुपये जुटाए हैं। एंकर बुक में 300 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 18 एंकर निवेशकों को 96 लाख शेयर बेचे गए। Updater Services IPO के तहत 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा तीन शेयरहोल्डर्स की ओर से 240 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) है।
OFS में 80 लाख शेयर बिक्री के लिए रखे जाने वाले हैं। पहले OFS का साइज 1.33 करोड़ शेयरों का था लेकिन फिर इसे घटाकर पहले 1.09 करोड़ शेयर और बाद में 80 लाख शेयर कर दिया गया। Updater Services में प्रमोटर्स की 80.58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी की प्रमोटर Tangi Facility Solutions 40 लाख शेयरों की बिक्री करेगी। वहीं बाकी के 40 लाख शेयर India Business Excellence Funds II & IIA की ओर से बेचे जाएंगे।
IPO का 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा हाई नेटवर्थ वाले इंडीविजुअल्स के लिए और शेष 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व है। बोली लगाने के लिए लॉट साइज 50 शेयर तय किया गया है। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार Link Intime India Private Ltd है और IIFL सिक्योरिटीज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और SBI कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।
शेयर अलॉटमेंट और लिस्टिंग कब
कंपनी सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को 4 अक्टूबर तक शेयरों का अलॉटमेंट करेगी। 6 अक्टूबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 5 अक्टूबर को शुरू होगी। IPO शेड्यूल के अनुसार, कंपनी के इक्विटी शेयर 9 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। ग्रे मार्केट में Updater Services के शेयरों की ट्रेडिंग अभी शुरू नहीं हुई है।
अपडेटर सर्विसेज, पूरे भारत में इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज और बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज देती है। कंपनी FMCG, मैन्युफैक्चरिंग व इंजीनियरिंग, BFSI, हेल्थकेयर, IT/IteS, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, एयरपोर्ट्स, पोर्ट्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिटेल आदि सेगमेंट में ग्राहकों को अपनी सर्विसेज देती है। कंपनी की सब्सिडियरीज में मैट्रिक्स, डेनवे, एथेना, एवन शामिल हैं। अपडेटर सर्विसेज की पूरे भारत में मौजूदगी है।
अपडेटर सर्विसेज IPO से मिलने वाले 133 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। 115 करोड़ रुपये को वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, 80 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इनऑर्गेनिक इनिशिएटिव के लिए होगा। शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। मार्च 2023 तक, कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड उधारी 176.54 करोड़ रुपये थी।