जेटवर्क (Zetwork) ने अपने आईपीओ के लिए कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं। मामले की जानकारी रखने वालों ने मनीकंट्रोल को बताया कि कंपनी 4,200 करोड़ रुपये (45 करोड़ डॉलर) जुटाने की योजना बना रही है। कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, एवेंडस कैपिटल और HSBC, मॉर्गन स्टेनली और गोल्डमैन सैक्स की भारतीय यूनिट इस इश्यू के लिए बैंकर हैं। जेटवर्क बिजनेस टू बिजनेस (B2B) मैन्युफैक्चरिंग टेक फर्म है।
कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।
कंपनी का लक्ष्य इस साल के आखिर तक लिस्ट होने का है। यह प्री-IPO फंडिंग राउंड में 5-6 करोड़ डॉलर (450-500 करोड़ रुपये) तक जुटाने के लिए भी बातचीत कर रही है। अगर ऐसा हुआ और आईपीओ में नए शेयर पेश किए गए तो इन शेयरों के इश्यू का साइज कम हो जाएगा।
कितनी है Zetwerk की वैल्यूएशन
जेटवर्क की वैल्यूएशन लगभग 3 अरब डॉलर आंकी गई है। इसमें खोसला वेंचर्स, एक्सेल, लाइटस्पीड, ग्रीनओक्स, एवेनिर जैसे दिग्गजों का पैसा लगा हुआ है। जेटवर्क की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह पहले एक डिजिटल मार्केटप्लेस थी और अब मैन्युफैक्चरर्स को ग्राहकों से जोड़कर एक एंड-टू-एंड इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बन गई है। यह कई सेक्टर्स में कस्टम-बिल्ट कंपोनेंट्स के लिए इंजीनियरिंग, उत्पादन और डिलीवरी को व्यवस्थित करती है। ग्राहक डिजाइन प्रदान करते हैं, जेटवर्क सप्लायर का चयन, गुणवत्ता नियंत्रण, टाइमलाइंस और लॉजिस्टिक्स को संभालती है। कंपनी लैपटॉप, हियरेबल्स, वियरेबल्स, IT हार्डवेयर बनाती है। अब यह प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) का उत्पादन भी शुरू कर रही है।
जेटवर्क के को-फाउंडर और CEO अमृत आचार्य को उम्मीद है कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 की क्लोजिंग 2 अरब डॉलर से अधिक के रेवेन्यू के साथ करेगी। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 12,798 करोड़ रुपये रही थी। यह एक साल पहले से 11 प्रतिशत कम है। वित्त वर्ष 2025 में जेटवर्क को 371 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। एक साल पहले घाटा 918 करोड़ रुपये रहा था।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।