Bihar Loksabha Election: बिहार में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और इस बीच प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी राज्य में चुनाव प्रचार बिगुल फूंकने के लिए आने वाले हैं। PM मोदी बिहार में अपनी पहली चुनावी सभा करने NDA की सहयोगी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की परंपरीक लोकसभा क्षेत्र जमुई आ रहे हैं। इस फैसले को बिहार में NDA की एकजुटता को लेकर प्रधानमंत्री का बड़ा कदम माना जा रहा है ।
दरअसल देश में 'अबकी बार 400 पार' और बिहार में 40 में 40 सीट के दावे को अमली जामा पहनाने को लेकर बीजेपी पूरी तरह से आक्रामक है और इसे सही साबित करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
सहयोगी पार्टियों की भी है जरूरत
इस टारगेट को पूरा करने में सहयोगियों की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है, जिसे देखते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) की अपनी पहली जनसभा करने 4 अप्रैल को जमुई आ रहे हैं।
मोदी अपने दौरे की शुरुआत अपने सहयोगी पार्टी के उम्मीदवार के लिए कर रहे हैं। ये एक बड़ा मैसेज न सिर्फ NDA के सहयोगियों के लिए है, बल्कि बिहार के वोटर्स के लिए भी मैसेज है कि महागठबंधन के मुकाबले NDA में कितनी एकजुटता है
मोदी के जमुई आने से LJP में खुशी की लहर
LJP के प्रवक्ता विनीत सिंह ने भी इस ओर इशारा किया है। विनीत सिंह कहते है प्रधानमंत्री का ये फैसला एक बड़ा संदेश है कि NDA के सहयोगियों के लिए उनके दिल में कितना सम्मान है और जनता भी ये देख रही है कि चाहे वो छोटी पार्टी हो या बड़ी पार्टी, PM मोदी सभी को बराबर सम्मान देते हैं।
जाहिर है बीजेपी ने बड़ा मैसेज दिया, तो LJPR उत्साहित है और चिराग पासवान भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह 'मोदी जी के हनुमान' हैं। वहीं बीजेपी की प्रवक्ता सुहेली मेहता कहती हैं कि ये संदेश हमारे विरोधियों के लिए है, जो सीट के लिए आपस में उलझे हुए हैं जबकि हमारे प्रधान मंत्री बीजेपी के साथ-साथ सहयोगियों को भी बराबर इज्जत देते हैं ।
JDU से ज्यादा LJP को ज्यादा तवज्जो?
वहीं दूसरी तरफ RJD प्रवक्ता एजाज अहमद LJP के प्रचार से PM मोदी की शुरुआत करने पर कहते हैं कि मोदी ये संदेश दे रहे हैं कि आज भी उनकी पार्टी नीतीश कुमार की JDU से ज्यादा तवज्जों चिराग पासवार को देते हैं।
जाहिर है विरोधियों ने जब चिराग पासवान के बहाने निशाना साधा और JDU पर चुटकी ली, तब JDU की मंत्री और नेता जयंत राज ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। प्रधान मंत्री के लिए हर सहयोगी बराबर है और प्रधान मंत्री ने बड़ा दिल दिखाया है।
उन्होंने आगे कहा, "प्रधान मंत्री का कार्यक्रम बनता है, तब सारे सहयोगी पार्टी मिलकर कार्यक्रम बनाते हैं। इसमें कोई राजनीति नहीं है और जब विरोधियों को कुछ बोलने को नहीं मिल रहा है, तब इस तरह की बात कर के अपनी खीज मिटा रहे हैं।"
NDA ने बिहार में बना ली बढ़त
बहरहाल अब सारी निगाहें प्रधान मंत्री के दौरे पर टिक गई हैं और न सिर्फ बिहार में NDA के सहयोगियों की नजर प्रधान मंत्री मोदी के दौरे पर टिकी हुई है, बल्कि उन्हें उम्मीद है कि PM के दौरे के बाद NDA के लिए माहौल बनने लगेगा और 40 में 40 सीट पर जीत हासिल होगी।
वहीं नजरें तो विरोधियों की भी टिकी हुई हैं, जो उम्मीदवारों को लेकर अब भी माथापच्ची में फंसे हुए हैं, जबकि PM मोदी ने सहयोगी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर, पहली बढ़त तो बिहार में NDA की बना ही दी है।