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'कभी नेहरू ने कहा था भारत बाद में, चीन पहले', विदेश मंत्री जयशंकर ने PoK पर भी कांग्रेस को घेरा

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को संबोधित करते हुए जयशंकर इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या भारत को PoK और चीन द्वारा कब्जाए गए भारतीय क्षेत्रों की स्थिति के साथ सामंजस्य बिठाना चाहिए या इन्हें वापस पाने के लिए प्रयास करना चाहिए

Akhileshअपडेटेड Apr 03, 2024 पर 11:16 AM
'कभी नेहरू ने कहा था भारत बाद में, चीन पहले', विदेश मंत्री जयशंकर ने PoK पर भी कांग्रेस को घेरा
BJP कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपे जाने के मुद्दे पर कांग्रेस सरकारों पर निशाना साध रही है

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने मंगलवार (2 अप्रैल) को जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) तथा चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जे जैसी समस्याओं के लिए अतीत की गलतियां जिम्मेदार हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता की पेशकश किए जाने के समय के इसके रुख का जिक्र करते हुए जयशंकर ने दावा किया कि एक समय था जब देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू ने कहा था, "भारत बाद में, चीन पहले।"

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री को संबोधित करते हुए जयशंकर इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या भारत को PoK और चीन द्वारा कब्जाए गए भारतीय क्षेत्रों की स्थिति के साथ सामंजस्य बिठाना चाहिए या इन्हें वापस पाने के लिए प्रयास करना चाहिए। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से बीजेपी नेता कच्चातिवु द्वीप को श्रीलंका को सौंपे जाने के मुद्दे पर नेहरू और इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साध रहे हैं।

पटेल ने नेहरू को किया था आगाह

पीटीआई के मुताबिक जयशंकर ने कहा, "1950 में (तत्कालीन गृह मंत्री) सरदार पटेल ने नेहरू को चीन के प्रति आगाह किया था। पटेल ने नेहरू से कहा था कि आज पहली बार हम दो मोर्चों (पाकिस्तान और चीन) पर ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं जिसका सामना भारत ने पहले कभी नहीं किया था। पटेल ने नेहरू से यह भी कहा था कि वह चीन की बातों पर विश्वास नहीं करते क्योंकि उनके इरादे कुछ और ही प्रतीत होते हैं और हमें सावधानी बरतनी चाहिए।"

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