Lok Sabha Elections 2024: 19 अप्रैल को शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग ने सोमवार (18 मार्च) को छह राज्यों गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गृह सचिव को हटाने के आदेश जारी किए हैं। आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) को हटाने का भी आदेश दिया है। साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिवों को हटा दिया गया है।
लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद आयोग ने बृह्नमुंबई महानगर पालिका (BMC) के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को हटाने का भी आदेश दिया। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया था कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जिन्होंने (पद पर) तीन साल पूरा कर लिया है या अपने गृह जिलों में तैनात हैं।
हालांकि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस बड़े कदम के पीछे तुरंत कोई कारण नहीं बताया। लेकिन सूत्रों ने कहा कि यह बदलाव "समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने" और "चुनाव प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए" किए गए हैं। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं।
चुनाव आयोग ने जताई नाराजगी
महाराष्ट्र ने कुछ नगर निगम आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों के संबंध में निर्देशों का पालन नहीं किया था। आयोग ने नाखुशी जताते हुए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को सोमवार शाम 6 बजे तक रिपोर्ट देने के निर्देश के साथ ही बीएमसी के कमिश्नर और अतिरिक्त आयुक्तों एवं उपायुक्तों का ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
मुख्य सचिव को महाराष्ट्र में समान रूप से पदस्थापित सभी नगर निगम आयुक्तों और अन्य निगमों के अतिरिक्त आयुक्तों या उपायुक्तों को ट्रांसफर करने का भी निर्देश दिया गया है। यह आदेश मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) राजीव कुमार और निर्वाचन आयुक्तों ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के बीच सोमवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद आया है।
जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनके पास संबंधित राज्यों में मुख्यमंत्री के कार्यालय में दोहरे प्रभार थे, जो संभावित रूप से चुनावी प्रक्रिया के दौरान आवश्यक निष्पक्षता और तटस्थता से समझौता कर सकते थे। बंगाल में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी डीजीपी को किसी भी सक्रिय चुनाव ड्यूटी से हटा दिया गया था।
इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का प्रयास करेंगे, वहीं विपक्षी दल उनका विजय रथ रोकने के लिए पूरा दमखम लगाएंगे। कुल 97 करोड़ से अधिक वोटर्स 44 दिन में 10.5 लाख मतदान केंद्रों पर अपना वोट डालकर लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल हो सकेंगे। इनमें 49.7 करोड़ पुरुष, 47.1 करोड़ महिलाएं और 48 हजार ट्रांसजेंडर शामिल हैं।