Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को महाराष्ट्र में एक और नया साथी मिल सकता है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने मंगलवार (19 मार्च) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की। यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में अपने गठबंधन को मजबूत करने के लिए राज ठाकरे के साथ गठबंधन की इच्छुक है।
ठाकरे सोमवार को राजधानी पहुंचे थे। जब वह शाह से मिले तब बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे भी मौजूद थे। अगर गठबंधन हो जाता है तो मनसे को मुंबई में एक सीट दी जा सकती है जहां उनके चचेरे भाई उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले शिवसेना के गुट का कुछ प्रभाव है।
जब शिवसेना एकजुट थी तब राज ठाकरे ने इससे नाता तोड़ लिया था। बाद में शिवसेना की अगुवाई उद्धव ठाकरे ने की। राज ठाकरे के अच्छा वक्ता होने के बावजूद उनकी MNS खासा प्रभाव नहीं डाल सकी। राज ठाकरे की ओर से उत्तर भारतीयों को लेकर अतीत में दिए गए विवादित बयानों की बीजेपी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने तीखी आलोचना की थी।
सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) लोकसभा चुनाव में तीन सीटें दक्षिण मुंबई, शिरडी और नासिक मांग रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की चुनौती देने के लिए बीजेपी उनके बिछड़े चचेरे भाई से हाथ मिलाना चाहती है। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा है कि वे जल्द ही बैठक का डिटेल्स साझा करेंगे। उन्होंने कहा, "जो भी निर्णय लिया जाएगा वह व्यापक भलाई और मराठियों, हिंदुत्व और पार्टी के हित में होगा।"
मनसे प्रमुख ने राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर कहा, "मुझे दिल्ली आने के लिए कहा गया था। इसलिए मैं आया। देखते हैं।" हालांकि, अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात नहीं की। राज ठाकरे अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर गृह मंत्री से मुलाकात की जानकारी देते हुए कई फोटो शेयर किया है।
पिछले आम चुनाव में बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था। गठबंधन ने प्रतिद्वंद्वियों को परास्त कर दिया और राज्य की 48 सीटों में से 41 सीटें जीत लीं। महीनों बाद, उसने राज्य चुनावों में एक और जीत हासिल की। लेकिन सत्ता साझा करने को लेकर मतभेद के कारण शिवसेना को एनडीए से अलग होना पड़ा। इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ने NCP और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई। लेकिन बाद में NCP और शिवसेना दोनों पार्टियां दो फाड़ हो गईं।