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'चुनावी प्रक्रिया में पवित्रता होनी चाहिए', EVM-VVPAT वेरिफिकेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने EC को दिए ये आदेश

Lok Sabha Election 2024: शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग से सीनियर वकील प्रशांत भूषण के उस आरोपों पर भी गौर करने को जिसमें उन्होंने दावा किया था कि केरल के कासरगोड में एक मॉक पोल के दौरान चार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक अतिरिक्त वोट दर्ज किया था

Akhileshअपडेटेड Apr 18, 2024 पर 2:20 PM
'चुनावी प्रक्रिया में पवित्रता होनी चाहिए', EVM-VVPAT वेरिफिकेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने EC को दिए ये आदेश
Lok Sabha Election 2024: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को चुनावी कदमों के बारे में विस्तार से बताने को कहा है

Lok Sabha Election 2024: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार (18 अप्रैल) को वोटर-वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) रिकॉर्ड के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के 100 प्रतिशत वेरिफिकेशन की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए भारत के चुनाव आयोग (ECI) से EVM-VVPAT की कार्यप्रणाली के बारे में डिटेल्स जानकारी देने को कहा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पवित्रता होनी चाहिए। किसी को भी यह आशंका नहीं होनी चाहिए कि जो कुछ अपेक्षित है वह नहीं किया जा रहा है।

शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग से सीनियर वकील प्रशांत भूषण के उस आरोपों पर भी गौर करने को जिसमें उन्होंने दावा किया था कि केरल के कासरगोड में एक मॉक पोल के दौरान चार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए एक अतिरिक्त वोट दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपनाए गए कदमों के बारे में विस्तार से बताने को कहा।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि एक मतदाता को वोट देने के बाद VVPAT पर्ची लेने और उसे मतपेटी में जमा करने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके बाद जस्टिस संजीव खन्ना ने सवाल किया कि क्या ऐसी प्रक्रिया मतदाता की गोपनीयता को प्रभावित करेगी, जिस पर वकील पाशा ने जवाब दिया, "वोटर्स की गोपनीयता का उपयोग मतदाता के अधिकारों को हराने के लिए नहीं किया जा सकता है।"

EVM-VVPAT की कार्यप्रणाली समझाने की सुप्रीम कोर्ट की मांग पर चुनाव आयोग ने कहा कि मशीनों को स्ट्रांग रूम में रखने से पहले सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोलिंग के जरिए 100 फीसदी मशीनों की जांच की जाती है।

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