Lok Sabha Elections 2024: विवेक सहाय पश्चिम बंगाल के नए DGP नियुक्त, राजीव कुमार को हटाने पर भड़की TMC

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत निर्वाचन आयोग ने 6 राज्यों के गृह सचिव और पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) के अलावा मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासनिक विभागों के सचिव को भी हटाने का आदेश दिया है

अपडेटेड Mar 18, 2024 पर 6:52 PM
Lok Sabha Elections 2024: चुनाव आयोग ने वर्तमान DGP राजीव कुमार को हटा दिया है

Lok Sabha Elections 2024: चुनाव आयोग (ECI) के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार (18 मार्च) को विवेक सहाय (West Bengal DGP Vivek Sahay) को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया। यह नियुक्ति चुनाव आयोग द्वारा राजीव कुमार (Rajeev Kumar) को डीजीपी पद से हटाने के कुछ घंटों के भीतर की गई। साल 1988 बैच के IPS अधिकारी सहाय महानिदेशक एवं कमांडेंट जनरल (होमगार्ड) के पद पर तैनात थे। राजीव कुमार को पिछले साल दिसंबर में राज्य का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।

सूत्रों ने कहा कि कुमार को अंतरिम व्यवस्था के रूप में सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी को ट्रांसफर करने का निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि अधिकारी को पहले भी राज्य में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव प्रबंधन संबंधी ड्यूटी से हटा दिया गया था।

चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई


लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने सोमवार को गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटाने का आदेश दिया। आयोग ने पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को हटाने का भी आदेश दिया। साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिवों को हटा दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी को ट्रांसफर करने का निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि अधिकारी को पहले भी राज्य में 2016 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनाव प्रबंधन संबंधी ड्यूटी से हटा दिया गया था।

आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव को राजीव कुमार को गैर-चुनाव संबंधित कार्य पर तैनात करने के लिए कहा है। आयोग ने साथ ही अंतरिम व्यवस्था के रूप में कुमार से वरीयता के क्रम में ठीक नीचे वाले एक अधिकारी को डीजीपी के रूप में तैनात करने का निर्देश दिया है।

सूत्रों ने बताया कि गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गृह सचिवों को हटा दिया गया, क्योंकि उनके पास संबंधित राज्यों में मुख्यमंत्री कार्यालयों में दोहरे प्रभार थे। लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद आयोग ने बृह्नमुंबई महानगरपालिका के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल, अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को हटाने का भी आदेश दिया।

राजीव कुमार को हटाने पर भड़की TMC

पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार को हटाए जाने की आलोचना करते हुए, तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि यह निर्वाचन आयोग पर बीजेपी के "नियंत्रण" का एक ज्वलंत उदाहरण है। टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी को राज्य में लोकसभा सीट खोने का डर सता रहा है।

कुणाल घोष ने कहा, "BJP निर्वाचन आयोग सहित सभी संस्थानों का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रही है। वे नियुक्ति समिति को बदलकर निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति में भी हस्तक्षेप कर रहे हैं। आज उठाया गया कदम निर्वाचन आयोग पर भाजपा के नियंत्रण का एक ज्वलंत उदाहरण है।"

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उन्होंने कहा, "यदि BJP ऐसे 100 अधिकारियों को भी बदल दे तो कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ है।" पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीट के लिए चुनाव सात चरणों में होंगे, जिसकी शुरुआत 19 अप्रैल से होगी।

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