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Lok Sabha Election: NEET को बैन क्यों करना चाहती है DMK? स्टालिन ने घोषणापत्र में किया ऐलान

Lok Sabha Election: DMK ने NEET पर बैन नहीं लग जाने तक इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। DMK कई कारणों से तमिलनाडु में NEET का विरोध करती है। उसने छात्रों और राज्य के एजुकेशन सिस्टम पर पड़ने वाले इसके असर और चिंताओं के बारे में बताया है

Shubham Sharmaअपडेटेड Mar 20, 2024 पर 11:31 PM
Lok Sabha Election: NEET को बैन क्यों करना चाहती है DMK? स्टालिन ने घोषणापत्र में किया ऐलान
Lok Sabha Election: NEET को बैन क्यों करना चाहती है DMK? स्टालिन ने घोषणापत्र में किया ऐलान

Lok Sabha Election: तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Mk Stalin) ने बुधवार को अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। इसमें उन्होंने नेशनल एंट्रेंस एलिजिबिलिटी टेस्ट (NEET) परीक्षा पर बैन लगाने की घोषणा की। उनकी पार्टी DMK पिछले काफी समय से NEET परीक्षा का विरोध करती आई है। पार्टी राज्य विधानसभा से NEET के विरोध में एक विधेयक भी पास करा चुकी है, लेकिन राज्यपाल ने इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।

DMK ने NEET पर बैन नहीं लग जाने तक इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। DMK कई कारणों से तमिलनाडु में NEET का विरोध करती है। उसने छात्रों और राज्य के एजुकेशन सिस्टम पर पड़ने वाले इसके असर और चिंताओं के बारे में बताया है। यहां हम आपको NEET के विरोध के पीछे DMK कुछ कारण बता रहे हैं।

ग्रामीण छात्रों के लिए नुकसान

NEET शहरी और आर्थिक रूप से संपन्न छात्रों का पक्ष लेता है, जो बड़े-बड़े सेंटर में महंगी कोचिंग ले सकते हैं। DMK का कहना है कि यह ग्रामीण और गरीब छात्रों के साथ भेदभाव करता है, जो महंगी कोचिंग नहीं ले सकते हैं, जिससे उन्हें कॉम्पिटिटिव एग्जाम में नुकसान होता है।

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