Lok Sabha Elections 2024: बागपत (Baghpat) लोकसभा सीट कौरव नरेश धृतराष्ट्र से श्री कृष्ण ने शांति दूत के रूप में जिन पांच गांवों को पांडवों के लिए मांगा था, उनमें से बागपत भी एक था। वास्तव में बागपत का असली नाम 'व्याघ्रप्रस्थ' था। क्योंकि यहां पर कभी बाघों का निवास हुआ करता था। राजधानी दिल्ली से नजदीक होने के कारण बागपत का जलवा बुलंद रहता है। वास्तव में पहले यह मेरठ का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन 1997 में बागपत एक नया जिला बना गया। पिछले लोकसभा चुनाव में जब बागपत का हाल-चाल जानने के लिए बस पर सवार हुआ, तो मेरठ में ट्यूशन पढ़ने आए छात्रों ने सलाह दी कि आप बागपत आए हैं, तो यहां की बालूशाही जरुर खा कर जाइएगा।
