Lok Sabha Elections 2024: बिहार NDA में सीट बंटवारे से पशुपति पारस नाराज, केंद्रीय मंत्री पद से दिया इस्तीफा

Lok Sabha Elections 2024: सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते में NDA में शामिल केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के दावे को नजरअंदाज किया गया है और उसे एक भी सीट नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि NDA सीट बंटवारे से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी नाराज हैं

अपडेटेड Mar 19, 2024 पर 12:02 PM
Lok Sabha Elections 2024: पशुपति पारस ने कहा कि NDA में मेरे साथ नाइंसाफी हुई है

Lok Sabha Elections 2024: बिहार NDA में सीट बंटवारे से नाराज केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस (Pashupati Kumar Paras) ने मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार (19 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फेंस कर केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। बिहार में एनडीए के सीट बंटवारे में एक भी सीट नहीं मिलने से नाराज पशुपति पारस ने कहा कि NDA में मेरे साथ नाइंसाफी हुई है।

बता दें कि सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते में NDA में शामिल केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के दावे को नजरअंदाज किया गया है और उसे एक भी सीट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि मेरे और मेरी पार्टी के साथ नाइंसाफी हुई।

पशुपति कुमार पारस ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफे के बाद कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े नेता हैं, लेकिन मेरे साथ और मेरी पार्टी के साथ अन्याय हुआ है।' प्रेस कांफ्रेंस में पशुपति पारस ने कहा कि उन्हें एक भी सीट नहीं दी गई।


बताया जा रहा है कि NDA सीट बंटवारे से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी नाराज हैं। हालांकि, उनकी तरफ से नाराजगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पशुपति के भजीते चिराग को मिली 5 सीटें

भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार की 17 सीट, जनता दल (यूनाइटेड) 16 सीट और चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यह पहली बार होगा जब बीजेपी को बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले JDU की तुलना में अधिक सीटें मिली हैं। यह कुछ महीने पहले JDU और BJP के हाथ मिलाने के बाद समीकरणों में बदलाव को रेखांकित करता है।

बिहार में NDA के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर हुए समझौते के तहत, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक-एक सीट दी गई है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, मधुबनी, अररिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, महाराजगंज, सारण, उजियारपुर, बेगूसराय, नवादा, पटनासाहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर और सासाराम से BJP के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे।

वाल्मीकिनगर, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, गोपालगंज, सीवान, भागलपुर, बांका, मुंगेर, नालंदा, जहानाबाद और शिवहर से JDU के उम्मीदवार मैदान में होंगे। वहीं, LJP (रामविलास) के हिस्से वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और जमुई की सीट गई है, जबकि गया से 'हम' और काराकाट से राष्ट्रीय लोक मोर्चा का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा।

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बिहार में कब होंगे चुनाव?

बिहार की 40 लोकसभा सीट पर कुल सात चरणों में मतदान होगा। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में होंगे। मतगणना चार जून को होगी। वर्ष 2019 में बीजेपी और जदयू ने 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली अविभाजित लोक जनशक्ति पार्टी ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा था। BJP और लोजपा ने अपनी सभी सीटें जीती थीं, जबकि JDU को 16 सीटें मिली थीं। राज्य में NDA का मत प्रतिशत 53 से अधिक था, जो विपक्षी 'महागठबंधन' को मिले मतों से लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा था।

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