Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी इस दिन जारी करेगी घोषणापत्र, 'विकसित भारत' और UCC सहित ये होगा मुख्य एजेंडा
Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लोकसभा चुनाव में उसके घोषणापत्र के लिए 3 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। बीजेपी की घोषणापत्र समिति के सदस्य मौर्य ने कहा कि समिति प्राप्त सुझावों पर चर्चा करेगी और दस्तावेज को जल्द ही अंतिम रूप देगी
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 7 चरणों में 19 अप्रैल से 1 जून के बीच होने हैं (फाइल फोटो- PTI)
Lok Sabha Elections 2024: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने सोमवार (1 अप्रैल) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र (BJP Manifesto for Lok Sabha Elections) कुछ दिनों में जारी करेगी। बीजेपी की सोमवार को चुनाव घोषणापत्र समिति की पहली बैठक हुई जिसके केंद्र में सरकार के 'विकसित भारत' का एजेंडा और उसकी रूपरेखा रही। आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रमुख वादों पर चर्चा करने के लिए आठ केंद्रीय मंत्रियों और 3 मुख्यमंत्रियों ने पार्टी के अन्य नेताओं के साथ बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री और बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग के बाद पत्रकारों संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पार्टी को अपनी मिस्ड कॉल सेवा के माध्यम से 3.75 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऐप (नमो) पर लगभग 1.70 लाख सुझाव मिले हैं।
उन्होंने कहा, "बैठक में 2047 तक विकसित भारत के खाके पर चर्चा की गई। हमारे घोषणापत्र में लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी प्रधानमंत्री में उनके भरोसे और उनसे उनकी अपेक्षाओं को दर्शाती है।" BJP नेताओं ने कहा कि लोगों से प्राप्त सभी सुझावों को विभिन्न कैटेगरी में बांटा जाएगा और फिर समिति की अगली बैठक उनपर विचार विमर्श करके छांटा जाएगा।
कौन तैयार करेगा घोषणापत्र?
पीएम मोदी द्वारा गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को लगातार रेखांकित किए जाने के साथ सत्तारूढ़ पार्टी उनसे जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दे सकती है। समिति के सह-संयोजक गोयल ने कहा कि देश के 3,500 विधानसभा क्षेत्रों में 916 वीडियो वैन भी चलाई गईं, जो लोगों तक पहुंची एवं घोषणापत्र के लिए उनके विचार मांगे।
बीजेपी ने लोकसभा चुनावों के लिए शनिवार को 27 सदस्यीय घोषणा पत्र समिति गठित की थी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को संयोजक तथा गोयल को सह-संयोजक बनाया गया है। समिति में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और राजीव चंद्रशेखर के अलावा पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और कुछ पूर्व उपमुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्रियों में गुजरात के भूपेंद्र पटेल, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, असम के हिमंत विश्व शर्मा और छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय के नाम हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों में शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे के नाम हैं।
समिति के अन्य सदस्यों में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, राधामोहन दास अग्रवाल, राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, ओपी धनखड़, अनिल एंटनी शामिल हैं।
एक महीने से तैयारी में बीजेपी
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए भी बीजेपी की घोषणा पत्र समिति के प्रमुख थे। उस समिति के कई सदस्यों को मौजूदा समिति में फिर से जगह दी गई है। बीजेपी ने पिछले माह ही लोकसभा चुनावों के लिए अपने घोषणा पत्र को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पिछले महीने 'विकसित भारत मोदी की गारंटी' वीडियो वाहन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके जरिए पार्टी लोगों के सुझाव लेगी और जो उसे उपयुक्त लगेगा उसे घोषणा पत्र में समाहित करेगी।
कब जारी होगा 'संकल्प पत्र?
बीजेपी अपने घोषणा पत्र को 'संकल्प पत्र' कहती है। सूत्रों के मुताबिक, 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान से पहले पार्टी अपना घोषणा पत्र जारी कर सकती है। कई दशकों में यह पहली बार है कि बीजेपी के कुछ प्रमुख वैचारिक वादों का अपने चुनावी घोषणापत्र में उल्लेख नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में आर्टिकल 370 को निरस्त करने और राम मंदिर के निर्माण के साथ दो प्रमुख वैचारिक वादे पूरे किए जा चुके हैं।
UCC का हो सकता है जिक्र
कुछ राज्यों में बीजेपी की सरकारें समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने के लिए भी काम कर रही हैं। आर्टिकल 370 और राम मंदिर निर्माण के साथ ही समान नागरिक संहिता भी BJP का प्रमुख वैचारिक मुद्दा रहा है।
पीएम प्रधानमंत्री मोदी अक्सर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि उनके तीसरे कार्यकाल में बड़े फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने सोमवार को भी एक कार्यक्रम में कहा, "पिछले 10 वर्षों में जो हुआ वह तो सिर्फ ट्रेलर है अभी तो देश को बहुत आगे लेकर जाना है, विकसित भारत बनाना है।" ऐसे में घोषणा पत्र को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है।