Lok Sabha Elections 2024: 'ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया, जाने क्यूं आज तेरे नाम पे रोना आया'...... बदायूं (Budaun) का नाम आते ही शकील बदायूंनी याद आ जाते हैं और उनकी नज्में भी। उनकी तमाम पंक्तियां दिमाग में घूमने लगती हैं, जो उन्होंने लिखी थीं। यह शहर शकील बदायूं का है। साल 1916 में शकील बदायूनी इसी शहर में पैदा हुए। इस धरती ने इस्मत चुगताई, जीलानी बानो, दिलावर फिगार, आले अहमद सुरूर, अदा जाफरी, फानी बदायूंनी, बेखुद बदायूंनी जैसी हस्तियों को भी जन्म दिया। बदायूं किला और प्रतिष्ठित क्लॉक टॉवर घंटा घर प्रमुख आकर्षणों में से हैं। इल्तुतमिश और अला-उद-दीन आलम शाह जैसे शासकों की कब्रें यहीं पर हैं।
