Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव में चार्टर्ड प्लेन और हेलीकॉप्टरों की मांग 40% तक बढ़ने की संभावना

Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। एविएशन इंडस्ट्री सेक्टर के अनुसार, जैसे-जैसे राजनीतिक दल लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, चार्टर्ड विमानों और हेलीकॉप्टरों की मांग पिछले आम चुनावों की तुलना में 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है

अपडेटेड Mar 10, 2024 पर 7:49 PM
Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है

Lok Sabha Elections 2024: एविएशन इंडस्ट्री सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के लिए राजनीतिक दलों की तैयारी के बीच चार्टर्ड प्लेन और हेलीकॉप्टरों की मांग में पिछले आम चुनाव के मुकाबले 40 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। फिक्स्ड-विंग एयरक्राफ्ट की तुलना में हेलीकॉप्टरों की मांग अधिक होने का अनुमान है। एक्सपर्ट का कहना है कि हेलीकॉप्टर कम समय में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों आराम से पहुंच जाते हैं।

'क्लब वन एयर' के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राजन मेहरा ने पीटीआई से कहा, "निजी विमानों की मांग तेजी से बढ़ेगी। यह मांग विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता से अधिक होने की उम्मीद है। स्पेशल विमानों और हेलीकॉप्टर की आपूर्ति सीमित संख्या में होती है।"

कितने रुपये में मिलते हैं हेलीकॉप्टर?


स्पेशल एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर सर्विस का शुल्क प्रति घंटे के आधार पर लिया जाता है। एविएशन इंडस्ट्री सेक्टर के विशेषज्ञों की राय है कि स्पेशल एयरक्राफ्ट का शुल्क साढ़े चार लाख रुपये से 5.25 लाख रुपये प्रति घंटे के बीच हो सकता है। एक हेलीकॉप्टर के लिए प्रति घंटे का किराया करीब डेढ़ लाख रुपये होगा।

बिजनेस एयरक्राफ्ट ऑपरेटर्स एसोसिएशन (BAOA) के मैनेजर डॉयरेक्टर कैप्टन आर के बाली ने पीटीआई को बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान निजी विशेष विमानों और हेलीकॉप्टर की मांग पिछले चुनाव की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है।

आधिकारिक आंकड़ों से पता चला कि दिसंबर 2023 के अंत में 112 गैर-अनुसूचित संचालक (NSOP) थे। आम तौर पर NSOP ऐसी इकाइयां होती हैं जिनका कोई विशेष निर्धारित कार्यक्रम नहीं होता है। NSOP के विमान आवश्यकता पड़ने पर उड़ान भरते हैं।

बाली ने कहा कि करीब 112 NSOP हैं लेकिन इनमें से 40-50 फीसदी केवल एक विमान का संचालन करते हैं। उन्होंने कहा कि NSOP के पास करीब 450 विमान होने का अनुमान है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन ऑपरेटर के पास जो विमान और हेलीकॉप्टर हैं, उनमें बैठने की क्षमता तीन से 37 तक है।

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BJP ने खर्च किए 250 करोड़

आंकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश विमानों और हेलीकॉप्टर में बैठने की क्षमता 10 से कम है। मेहरा ने कहा कि राजनीतिक नेता छोटे कस्बों तक यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर की मांग करेंगे, इसलिए हेलीकॉप्टर की मांग अधिक बढ़ने की संभावना है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को सौंपे गए 2019-20 के लिए पार्टी के वार्षिक ऑडिट खातों के अनुसार, केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर के लिए कुल 250 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।

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